छत्रपति संभाजीनगर में डेयरी और पोल्ट्री के नाम पर फर्जीवाड़ा, पुलिस ने शुरू की बड़े खेल की जांच

Annasaheb Patil Loan Scheme Fraud: छत्रपति संभाजीनगर में अण्णासाहेब पाटील योजना के 18 कर्ज मामलों में फर्जी दस्तावेजों से 10.60 लाख रूपएं ब्याज रिफंड हड़पने का खुलासा हुआ है।
Annasaheb Patil Loan Scheme Fraud
अन्नासाहेब पाटिल ऋण योजना धोखाधड़ी( सोर्स: डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Fake Documents Interest Refund: आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराने व ब्याज का बोझ कम करने वाली अण्णासाहेब पाटील आर्थिक पिछड़ा विकास निगम की योजना में फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है।

महास्वयम पोर्टल पर गलत जानकारी व फर्जी दस्तावेज अपलोड कर 18 ऋण मामलों में 10 लाख 60, 529 रुपये का ब्याज रिफंड हड़पने की घटना 11 सितंबर 2023 से 26 जुलाई 2024 के बीच रेलवे स्टेशन रोड स्थित मालजीपुरा में हुई।

इन लोगों पे दर्ज कराई गई F.I.R.

गौरव मंचरे (धोत्रे भोजड़े, तहसील कोपरगांव, जिला अहिल्यानगर), वर्षा मंचरे, शंकर मंचरे (दोनों निवासी साकुरी, तहसील राहता, जिला अहिल्यानगर), करण टेकाले (निवासी पासणी महाराज क्षेत्र, राहता), रुख्मिणी जिजाबा कुसारे व योगेश राहणे (निवासी राहता, जिला अहिल्यानगर) के खिलाफ क्रांति चौक पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

अण्णासाहेब पाटील आर्थिक मागास विकास निगम के जिला समन्वयक समाधान सूर्यवंशी (30) ने बताया कि निगम मराठा समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को व्यवसाय के लिए बैंकों के जरिए ऋण लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। ऋण लेने वाले को महास्वयम पोर्टल पर आवेदन करने के बाद मंजूरी दी जाती है।

पोल्ट्री व डेयरी व्यवसाय के नाम पर ऋण

निगम की जांच में मुर्गीपालन व डेयरी व्यवसाय के नाम पर दर्ज 18 ऋण मामले संदिग्ध पाए गए, जो सोमणाथ चव्हाण, किरण लासुरे, सतीश भरसाखल, शिवाजीराव पवार, कचरू मुंजाल, नयासिंह पवार, शेखर जामधाडे, सतीश तांबट, चरण जरवाल, विशाल पवार, करुणा शिंदे, जगदीश कुमावत, बालासाहेब खांडेकर, प्रसाद थानगे, पावलस वाघमारे, अनिता नाले, वैभव मुसले व सोमणाथ जिरे के नाम पर दर्ज हैं।

बैंक खातों की जांच-पड़ताल से हुआ बड़ा खुलासा

नासिक के सातपुर व अहिल्यानगर के तोफखाना क्षेत्र में भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ब्याज रिफंड लेने के मामले सामने आने के बाद अन्य जिलों के मामलों की जांच के आदेश दिए गए है। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर कार्यालय ने 18 मामलों की जांच की।

संबंधित बैंकों से मिली जानकारी में 29 दिसंबर 2025 को कुछ बैंक खाता नंबर फर्जी होने की बात सामने आई। मुख्य वित्तीय सलाहकार व मुख्य लेखाधिकारी दिलीप झिरपे ने 24 अगस्त 2026 को शिकायत की अनुमति दी। तदुपरांत जिला समन्वयक समाधान सूर्यवंशी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। संगीन प्रकरण की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

Annasaheb Patil Loan Scheme Fraud
मराठा आरक्षण पर मनोज जरांगे का आर-पार, बोले- 6 करोड़ मराठा मुंबई पहुंचे तो पीछे नहीं हटेंगे

इस मामले मे पुलिस का क्या है कहना?

जांच उपनिरीक्षक निशिगंधा मस्के कर रही हैं। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने बताया कि, अलग-अलग लोगों के नाम पर दर्ज कुछ ऋण मामलों में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन मामलों के पीछे कोई एक सूत्रधार या समन्वयक तो लिप्त नहीं था।

रिकॉर्ड में दर्ज लोगों ने वास्तव में ऋण लिया था या नहीं? उन्होंने व्यवसाय शुरू किया था या नहीं? उनके नाम पर दस्तावेज किसने तैयार किए व ब्याज रिफंड का लाभ आखिर किसने उठाया आदि सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद सामने आने की संभावना है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com