Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Project: छत्रपति संभाजीनगर शहर की 2,740 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। नई योजना के तहत शहर में 2 लाख 32 हजार अधिकृत नल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खास बात यह है कि पिछले दस वर्षों से जिन क्षेत्रों में जलवाहिनी का जाल नहीं पहुंचा, उन ‘नो नेटवर्क’ क्षेत्रों को नल कनेक्शन देने में प्राथमिकता दी जाएगी। सातारा-देवलाई और गुंठेवारी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
छत्रपति संभाजीनगर की इस नई योजना के तहत निर्धारित 2 लाख 32 हजार कनेक्शनों में से 90 हजार कनेक्शन देने की जिम्मेदारी ठेकेदार कंपनी जेवीपीआर की है। इनमें से करीब 45 हजार कनेक्शन अब तक दिए जा चुके हैं। शेष 1 लाख 42 हजार कनेक्शन मनपा की ओर से दिए जाएंगे। इसके लिए मनपा ने कार्यप्रणाली भी तैयार कर ली है।
आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि योजना में कुल 2 लाख 32 हजार नल कनेक्शन का लक्ष्य है। ठेकेदार के हिस्से के 90 हजार कनेक्शनों में से 45 हजार पूरे हो चुके हैं।
सातारा-देवलाई क्षेत्र की चार जलकुंभों में आने वाले कुछ दिनों में पानी पहुंचाने की तैयारी है। इसके मद्देनजर नागरिकों को नल कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए आवेदन वितरित किए जा रहे हैं।
नई जलापूर्ति योजना के तहत शहर में कुल 1,900 किलोमीटर जलवाहिनी बिछाई जा रही है। इनमें करीब 1,200 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 700 किलोमीटर काम बाकी है। शेष जलवाहिनी का बड़ा हिस्सा ‘नो नेटवर्क’ क्षेत्रों में है।
संभाजीनगर मनपा के अभिलेखों के अनुसार शहर में 2 लाख 37 हजार संपत्तियां दर्ज हैं, जबकि अधिकृत नल कनेक्शन केवल 1 लाख 30 हजार हैं। यानी संपत्तियों की तुलना में करीब 1 लाख 7 हजार अधिकृत कनेक्शन कम हैं। ऐसे में शेष संपत्तियों में पानी किस माध्यम से पहुंच रहा है और अवैध नल कनेक्शनों की संख्या कितनी है, यह सवाल अब भी कायम है। नई योजना के पूरा होने के बाद इस स्थिति में बदलाव आने की उम्मीद है।