

ZP Health Department 260 Posts Vacant: छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग में कर्मियों की कमी के चलते कामकाज उपलब्ध सीमित मनुष्यबल के भरोसे चल रहा है। विभाग में 836 पद मंजूर हैं, परंतु 576 पद ही भरे गए हैं, जबकि 260 पद लंबे समय से रिक्त हैं।
रिक्तियों के चलते स्वास्थ्य विभाग के रोजमर्रा के कामकाज से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका है। यही नहीं, कार्यालयीन कामकाज का अतिरिक्त बोझ मौजूदा अधिकारियों व कर्मियों पर पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति वर्ग-4 संवर्ग में है। इसके 250 मंजूर पदों में सिर्फ 90 पद ही भरे गए हैं और 160 पद रिक्त हैं।
स्वास्थ्य विभाग की उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुरुष स्वास्थ्य सेवक संवर्ग के 23 और महिला स्वास्थ्य सेवक के 229 पद रिक्त हैं। विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य सेवकों की कमी चिंता का विषय है, क्योंकि ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कई अहम जिम्मेदारियां इसी संवर्ग के कर्मियों पर होती हैं।
प्रशासन को सिर्फ रिक्त पदों की आंकड़ों तक सीमित न रहते हुए तात्कालिक रूप से भर्ती प्रक्रिया को गति देने व जरूरी मनुष्यबल उपलब्ध कराने के लिए ठोस निर्णय लेने की जरूरत है। इससे ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम किया जा सकेगा।
चौंकाने वाली बात यह है कि महिला स्वास्थ्य सेवकों के मंजूर 491 में से केवल 262 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी 229 पद रिक्त हैं। इस बड़े अंतर के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
एक तरफ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की में रिक्तियां है। मनुष्यबल की कमी के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी किसकी व रिक्त पद कब भरे जाएंगे, यह सवाल अब उठने लगा है।
रिक्त पद भरने के लिए लगातार प्रशासनिक स्तर पर प्रयास करने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया को अपेक्षित गति नहीं मिलने से अधिकारी व कर्मियों में नाराजगी है। कर्मियों का कहना है कि मंजूर पद कागजों पर मौजूद हैं, परंतु जब कार्य के लिए पर्याप्त कर्मी ही उपलब्ध नहीं है, तो बढ़ते काम का बोझ कैसे संभाला जाए। दूसरी ओर, छत्रपति संभाजीनगर ZP स्वास्थ्य विभाग से नागरिकों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही है।