

Karni Sena Mantralaya Gherao Warning: सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान के लिए इंसाफ की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने एक बड़े आंदोलन का शंखनाद किया है। करणी सेना ने आगामी 2 अक्टूबर को मुंबई स्थित महाराष्ट्र सरकार के प्रशासनिक मुख्यालय मंत्रालय के बाहर विरोध प्रदर्शन और घेराव करने का फैसला किया है।
संगठन ने सीबीआई को अपनी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए 2 अक्टूबर तक की डेडलाइन दी है। इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में देश भर से करणी सेना के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के मुंबई पहुंचने और भाग लेने की उम्मीद जताई गई है।
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के महाराष्ट्र प्रभारी जीवन सिंह सोलंकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह दिशा सालियान से संबंधित मामले को फिर से खोला गया है और नई एफआईआर दर्ज की गई है, उसी तरह सुशांत सिंह राजपूत मामले को भी दोबारा खोला जाना चाहिए।
ज्ञात हो कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पहले ही अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है और क्लीन चिट दे चुकी है। करणी सेना इसी बात से असंतुष्ट है और उसकी मुख्य मांग है कि क्लोजर रिपोर्ट के बाद भी सुशांत मामले में दोबारा FIR दर्ज की जाए।
करणी सेना ने सरकार से यह भी पुरजोर मांग की है कि सुशांत सिंह राजपूत केस की पूरी जांच एनआईए को सौंपी जाए। जीवन सिंह सोलंकी ने बताया कि दिशा सालियान मामले में एफआईआर इसलिए दर्ज हो सकी क्योंकि जांच एजेंसी के पास वकीलों के माध्यम से ठोस सबूत पहुंचे थे और सीबीआई ने जांच के दौरान उन सबूतों का विश्लेषण किया था।
लिहाजा, जब दिशा सालियान केस में सबूतों के आधार पर कार्रवाई हो सकती है, तो सुशांत केस में भी वही प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
इस आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें मुंबई करणी सेना चित्रपट के अध्यक्ष सुरजीत सिंह राठौड़ मौजूद रहे। सुरजीत सिंह राठौड़ ने कहा कि उनके पास इस मामले में कई महत्वपूर्ण सबूत मौजूद हैं और वे सुशांत को इंसाफ दिलाने के लिए पूरी ताकत से आंदोलन करेंगे।
करणी सेना का स्पष्ट कहना है कि यदि 2 अक्टूबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं और सीबीआई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करती है, तो मंत्रालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।