प्लंबर संघ के 42 सदस्य निःशुल्क मरम्मत अभियान में करेंगे सहयोग।
जलवाहिनियों, नल के जोड़ों और वाल्व से होने वाले रिसाव को रोकने पर जोर।
300 से 1500 मिलीमीटर व्यास वाली जलवाहिनियों की मरम्मत में मदद।
संघ ने महापौर समीर राजूरकर को निवेदन सौंपा।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए महानगरपालिका से समन्वय की पहल।
Sambhajinagar Plumber Association Water Pipeline Leak Repair: छत्रपति संभाजीनगर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए प्लंबर संघ के 42 सदस्य जलवाहिनियों, नल के जोड़ों और वाल्व से होने वाले रिसाव की निःशुल्क मरम्मत में सहयोग करेंगे। संघ के पदाधिकारियों ने महापौर समीर राजूरकर को निवेदन सौंपकर इस पहल की जानकारी दी। महानगरपालिका के साथ मिलकर रिसाव वाले स्थानों की मरम्मत में मदद की जाएगी।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए प्लंबर संघ ने पहल की है। संघ के 42 सदस्य जलवाहिनियों, नल के जोड़ों और वाल्व से होने वाले रिसाव की निःशुल्क मरम्मत में सहयोग करेंगे। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को महापौर समीर राजूरकर से मुलाकात कर उन्हें निवेदन सौंपा।
शहर में जलवाहिनियों के टूटने, नल के जोड़ों से पानी बहने और वाल्व में रिसाव के कारण बड़ी मात्रा में पेयजल बर्बाद होता है। महानगरपालिका की ओर से मरम्मत किए जाने के बाद भी कुछ स्थानों पर दोबारा रिसाव शुरू होने की समस्या सामने आती है। ऐसे में रिसाव को समय पर रोकना और पानी की बर्बादी कम करना जरूरी हो गया है।
प्लंबर संघ के सदस्य जलापूर्ति व्यवस्था में सामने आने वाले रिसाव को रोकने के लिए महानगरपालिका के साथ मिलकर काम करेंगे। संघ के अध्यक्ष प्रभंजन महातीले के अनुसार, सदस्य 300 से 1500 मिलीमीटर व्यास वाली जलवाहिनियों की मरम्मत में सहायता करेंगे।
मरम्मत के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न कंपनियों से भी चर्चा की गई है। इस पहल से जलवाहिनियों के रिसाव को समय पर ठीक करने और पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।
महापौर समीर राजूरकर ने प्लंबर संघ की पहल का स्वागत किया। वहीं, महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने जलापूर्ति विभाग को रिसाव वाले स्थानों की पहचान कर तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं।
संघ की ओर से की गई पहल से महानगरपालिका के मरम्मत अभियान को अतिरिक्त सहयोग मिल सकता है। इसके लिए रिसाव वाले स्थानों की जानकारी साझा करना और मरम्मत के काम में विभागीय समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
इस अवसर पर संघ के सचिव प्रदीप शर्मा, रमेश अग्रवाल, कुबेर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
सूखे और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जलसंकट के बीच शहर में उपलब्ध पेयजल को बचाना भी महत्वपूर्ण है। जलवाहिनियों और नल के जोड़ों से होने वाला रिसाव रोककर पानी की बर्बादी कम की जा सकती है।
प्लंबर संघ की यह पहल कितनी प्रभावी साबित होती है, यह मरम्मत अभियान के क्रियान्वयन और रिसाव की नियमित निगरानी पर निर्भर करेगा। महानगरपालिका और नागरिकों के सहयोग से पानी की हर बूंद बचाने के प्रयास को गति मिल सकती है।