

छत्रपति संभाजीनगर के कमलनयन बजाज अस्पताल के नौ सर्वर रैनसमवेयर हमले से प्रभावित।
बिलिंग, मरीजों के रिकॉर्ड और बीमा दावों की प्रक्रिया में बाधा।
क्रिप्टो-24 समूह ने संवेदनशील डेटा चुराने का दावा किया।
सात दिन के भीतर डेटा सार्वजनिक करने की धमकी मिलने की शिकायत।
अस्पताल ने CERT-In को सूचना दी, सातारा पुलिस कर रही जांच।
Kamalnayan Bajaj Hospital Sambhajinagar Ransomware Cyber Attack: छत्रपति संभाजीनगर के कमलनयन बजाज अस्पताल की कंप्यूटर प्रणाली पर रैनसमवेयर साइबर हमले का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, नौ सर्वर प्रभावित हुए और फाइलें कूटबद्ध कर दी गईं। क्रिप्टो-24 नामक समूह ने संवेदनशील डेटा चुराने का दावा करते हुए सात दिन में जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी दी है। मामले में सातारा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर के कमलनयन बजाज अस्पताल की कंप्यूटर प्रणाली पर रैनसमवेयर साइबर हमले का मामला सामने आया है। अस्पताल के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की शिकायत के अनुसार, हमले में नौ सर्वर प्रभावित हुए और उनमें मौजूद फाइलों को कूटबद्ध कर दिया गया। इससे अस्पताल की डिजिटल व्यवस्था में बाधा आई और मरीजों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हुईं।
हमलावरों ने खुद को क्रिप्टो-24 समूह का सदस्य बताते हुए संवेदनशील जानकारी चुराने का दावा किया है। शिकायत के मुताबिक, समूह ने डेटा वापस पाने के लिए संपर्क करने को कहा और सात दिन के भीतर जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी दी।
अस्पताल के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख प्रशांत प्रभात पांडे (36) की शिकायत के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को तड़के करीब तीन बजे बिलिंग विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें फोन कर अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) बंद होने की जानकारी दी।
प्रणाली काम नहीं करने के कारण बिल तैयार करने में परेशानी हो रही थी। सूचना मिलने पर पांडे अस्पताल पहुंचे और सर्वर कक्ष में जांच शुरू की। इस दौरान एचएमआईएस का संपर्क बंद मिला। सर्वर में प्रवेश करने की कोशिश करने पर अनुमति नहीं होने का संदेश दिखाई दिया।
इसके बाद अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली सोफोस सुरक्षा प्रणाली के रिकॉर्ड की जांच की गई। शिकायत के अनुसार, जांच में नौ सर्वरों पर खतरे के संकेत मिले।
जांच के दौरान कंप्यूटर पर एक संदेश मिला, जिसमें हमलावरों ने खुद को क्रिप्टो-24 समूह बताया। संदेश में दावा किया गया कि नेटवर्क की फाइलों को कूटबद्ध करने के साथ संवेदनशील जानकारी भी चुरा ली गई है।
हमलावरों ने डेटा वापस पाने के लिए तीन दिन के भीतर संपर्क करने को कहा। ऐसा नहीं होने पर सात दिन में चोरी की गई जानकारी टोर आधारित लीक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। संपर्क के लिए सेशन संदेश सेवा का इस्तेमाल करने का निर्देश भी दिया गया।
संदेश में भरोसा दिलाने के लिए एक दस्तावेज और एक चित्र की फाइल मुफ्त में खोलकर दिखाने की पेशकश की गई थी। हालांकि, डेटा चोरी होने की वास्तविक सीमा और मरीजों की कितनी जानकारी प्रभावित हुई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शिकायत के अनुसार, अस्पताल की डिजिटल प्रणाली प्रभावित होने से मरीजों की जानकारी, उपचार संबंधी रिकॉर्ड, चिकित्सा जांच, बिलिंग, बीमा दावों और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में बाधाएं आईं। इससे मरीजों को समय पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में परेशानी होने की बात कही गई है।
अस्पताल प्रशासन ने घटना की जानकारी भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) को दी है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख प्रशांत पांडे की शिकायत पर सातारा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस निरीक्षक कृष्णा शिंदे मामले की आगे जांच कर रहे हैं।
रैनसमवेयर एक प्रकार का हानिकारक सॉफ्टवेयर है, जो कंप्यूटर की फाइलों को कूटबद्ध कर देता है और उन्हें सामान्य रूप से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। कई मामलों में हमलावर फाइलें बहाल करने के बदले फिरौती मांगते हैं। कुछ मामलों में चोरी की गई जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी देकर भी दबाव बनाया जाता है।
कमलनयन बजाज अस्पताल के मामले में भी डेटा कूटबद्ध करने और उसे सार्वजनिक करने की धमकी दिए जाने की शिकायत है। फिलहाल हमले के पीछे कौन है, कितनी जानकारी प्रभावित हुई और अस्पताल की प्रणाली को पूरी तरह बहाल करने में कितना समय लगेगा, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।