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अकोला शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले बांध में जलस्तर कम होने से आगामी दिनों में जलसंकट की आशंका बढ़ गई है।
शहर के सिटी कोतवाल चौक स्थित मनपा हाइड्रेंट से निजी टैंकरों को कम कीमत पर पानी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
जलप्रदाय विभाग के पास इस बात की ठोस जानकारी नहीं है कि टैंकरों से ले जाया जा रहा पानी घरेलू जरूरतों, निर्माण कार्यों या व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा है।
Katepurna Dam Water Storage: अकोला शहर को जलापूर्ति करने वाले काटेपूर्णा बांध में केवल 14.20 प्रतिशत जलसंग्रह शेष रहने से आगामी दिनों में भीषण जलसंकट की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में नागरिकों से पानी की हर बंद बचाने की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सिटी कोतवाल चौक स्थित मनपा के हाइडेंट से प्रतिदिन निजी टैंकरों में हजारों लीटर पानी भरे जाने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, मनपा के हाइड्रेट से महज 100 रु. में 5,000 लीटर पानी बेचा जा रहा है। लेकिन इस पानी का उपयोग कहां और किस काम के लिए किया जा रहा है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड जलप्रदाय विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
शहर में मनपा के हाइड्रेट से पानी भरकर निकलने वाले टैंकर प्रतिदिन दिखाई देते हैं, लेकिन प्रशासन के पास इस पानी के इस्तेमाल की ठोस जानकारी नहीं है। टैंकरों के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा पानी नागरिकों की घरेलू जरूरतों के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
निर्माण कार्यों में जा रहा है या सड़क निर्माण और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में उपयोग किया जा रहा है, इसकी जानकारी विभाग के पास नहीं है। इसके अलावा, प्रत्येक टैंकर को पानी देने के बाद नियमानुसार रसीद जारी की जाती है या नहीं, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पानी की बिक्री जारी रहने के बावजूद उसके वितरण, उपयोग और हिसाब-किताब पर निगरानी रखने वाली प्रभावी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।
अकोला मनपा जलप्रदाय विभाग के अभियंता अमोल डोईफोडे शहर में निजी हाइड्रेट की संख्या का आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। निजी टैंकरों से नागरिकों की जरूरतें पूरी की जा रही हों तो कोई आपति नहीं है। पानी का अन्य कामों में उपयोग होने पर नजर रखने के निर्देश मनपा आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों को दिए हैं।
जलसंकट की आशंका के बीच मनपा और निजी हाइड्रेट के संचालन तथा पानी की बिक्री पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शहर में कितने निजी हाइड्रेट संचालित हैं, इसकी संख्या भी जलप्रदाय विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पानी की बिक्री और उसके उपयोग पर निगरानी रखने की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है। मनपा की ओर से भी 10 टैंकरों के माध्यम से नागरिकों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। बावजूद इसके समस्या का स्थाई समाधान होता नजर नहीं आ रहा है।