Sambhajinagar Hospital Fire Safety Gaps Notice: जालना रोड स्थित एशियन हॉस्पिटल की NICU में आग लगने की घटना के बाद मनपा ने छत्रपति संभाजीनगर शहर के बड़े अस्पतालों में अग्निसुरक्षा की जांच शुरू की है। इस जांच में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर खामियां सामने आई हैं।
200 से 300 से अधिक बेड और ICU सुविधा वाले कुछ अस्पतालों में मरीजों को आपात स्थिति में बाहर निकालने के लिए अलग इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं मिला।
कहीं अग्निशमन यंत्रणा उपलब्ध होने के बावजूद वह चालू हालत में नहीं थी, तो कहीं मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जरूरी रैंप की सुविधा भी नहीं थी। इन खामियों के चलते मनपा के अग्निशमन विभाग ने शहर के 10 बड़े अस्पतालों को नोटिस जारी की है।
एमजीएम हॉस्पिटल, एम्स हॉस्पिटल, सेठ नंदलाल धूत हॉस्पिटल, अपेक्स हॉस्पिटल, मेडिकवर हॉस्पिटल, कमलनयन बजाज हॉस्पिटल, एशियन हॉस्पिटल, डॉ. हेडगेवार हॉस्पिटल, बेंबडे हॉस्पिटल और यूनाइटेड सिग्मा को नोटिस जारी की गई है।
पिछले सप्ताह एशियन हॉस्पिटल की NICU में अचानक आग लग गई थी। हालांकि, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। अस्पताल की नर्स और प्रबंधन ने तत्काल आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद अग्निशमन दल भी मौके पर पहुंचा। घटना को गंभीरता से लेते हुए मनपा के आपदा प्रबंधन कक्ष ने शहर के बड़े अस्पतालों की सुरक्षा जांच शुरू की।
जांच के लिए उपायुक्त अंकुश पांढरे, आपदा प्रबंधन कक्ष प्रमुख स्वप्नील सरदार, अग्निशमन विभाग प्रमुख अशोक खांडेकर और स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारियों की टीम नियुक्त की गई है। टीम अस्पतालों के ICU, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन मार्ग और संरचनात्मक सुरक्षा की जांच कर रही है।
जांच के दौरान कई अस्पतालों के ICU में आपात स्थिति में मरीजों को बाहर निकालने के लिए अलग इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला। कुछ स्थानों पर अग्निशमन उपकरण लगाए गए थे, लेकिन वे वास्तव में काम नहीं कर रहे थे। कुछ अस्पतालों में आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जरूरी रैंप की व्यवस्था भी नहीं मिली।
जांच में यह बात भी सामने आई कि कुछ बड़े अस्पतालों में ICU की आपातकालीन व्यवस्था और उसके इस्तेमाल की जानकारी संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों को पर्याप्त रूप से नहीं है। छत्रपति संभाजीनगर मनपा के अनुसार, केवल अग्निशमन उपकरण लगाना पर्याप्त नहीं है। उन्हें हमेशा चालू हालत में रखना और कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देना भी जरूरी है।
ICU अस्पताल का सबसे संवेदनशील विभाग होता है। आग जैसी आपात स्थिति में मरीजों को खुद सुरक्षित स्थान तक पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे में अलग इमरजेंसी एग्जिट, रैंप, कार्यरत अग्निशमन प्रणाली और प्रशिक्षित कर्मचारी बेहद जरूरी हैं।
अग्निशमन विभाग प्रमुख अशोक खांडेकर ने बताया कि जांच में सामने आई खामियों को दूर करने और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को सक्षम बनाने के लिए संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी की गई है। अस्पतालों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।