गणेशोत्सव में नासिक के गांवों की अनूठी पहल; 757 गांवों ने अपनाई एक गांव, एक गणपति, दे रहे भाईचारे का संदेश

One Village One Ganpati In Nashik: नासिक जिले के 757 गांवों ने इस वर्ष ‘एक गांव, एक गणपति’ की संकल्पना अपनाई है। वहीं मालेगांव, मनमाड, येवला और सटाणा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
Nashik 757 Villages One Village One Ganpati Ganeshotsav
गणपति बप्पा का आगमन की तस्वीर(फोटो नवभारत)
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Nashik 757 Villages One Village One Ganpati: शहरी इलाकों में जहां सैकड़ों गणेश मंडलों द्वारा भव्य स्तर पर गणेशोत्सव की तैयारियां चल रही हैं, वहीं नासिक के ग्रामीण इलाकों में परंपरा और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है।

जिले में सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारा मजबूत करने के लिए ग्रामीण पुलिस के विशेष मार्गदर्शन और जनजागरण अभियान के तहत इस वर्ष जिले के कुल 1,935 गांवों में से 757 गांवों में 'एक गांव, एक गणपति' की संकल्पना को सर्वसम्मति से अपनाया गया है। जिले में पिछले पांच-छह वर्षों से 'एक गांव, एक गणपति' की यह अवधारणा सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 2 हजार से अधिक मंडलों की अनुमति

लाइसेंस के लिए आवेदनः बड़े गांवों और तहसील मुख्यालयों पर भी उत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जिले के 40 पुलिस थानों के अंतर्गत लगभग 2 हजार से अधिक सार्वजनिक गणेश मंडलों ने आधिकारिक अनुमतियों के लिए आवेदन किए हैं।

मालेगांव और संवेदनशील क्षेत्रों में चाक-चौबंद सुरक्षा

मालेगांव, मनमाड, येवला शहर और सटाणा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बम निरोधक दस्ता, आतंकवाद विरोधी दस्ता और त्वरित प्रतिक्रिया बल को पूरी तरह सतर्क रखा गया है।

'गुड मॉर्निंग' दस्तों और बीट मार्शल के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। विसर्जन जुलूस के दौरान हर दो घंटे में पुलिस नियंत्रण कक्ष में हर गतिविधि की समीक्षा दर्ज की जाएगी।

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2017 में जिले के 1,026 गांवों ने किया था आत्मसात

इससे गांवों में होने वाले छोटे-मोटे विवाद, आपसी प्रतिस्पर्धा और गुटबाजी पर रोक लगती है तथा सभी समुदायों के लोग एकजुट होकर आनंदपूर्वक उत्सव मनाते हैं। वर्ष 2017 में नासिक जिले के रिकॉर्ड 1,026 गांवों ने इस उपक्रम को अपनाया था। इसके बाद वर्ष 2023 में 734 और वर्ष 2025 में 804 गांवों ने इस परंपरा को कायम रखा था।

इसी कड़ी में इस वर्ष 2026 में 757 गांवों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. डी. एस. स्वामी, अपर पुलिस अधीक्षक विमला एम. और सूरज गुंजाल ने स्वयं गांव-गांव जाकर शांति समिति की बैठकें की हैं।

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