मर्डर की सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

चरित्र पर शक के चलते पति ने ली पत्नी की जान... छत्रपति संभाजीनगर के बिडकीन में दिल दहला देने वाली वारदात

DMIC Paithan Crime News: छत्रपति संभाजीनगर के बिडकीन में चरित्र पर संदेह के चलते पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। बिडकीन पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

गोरक्ष पोफली

Chhatrapati Sambhajinagar Bidkin Husband Kills Wife: छत्रपतिं संभाजीनगर जिले के बिडकीन थाना क्षेत्र के डीएमआईसी परिसर स्थित एक खेत में 24 अगस्त को एक महिला की गला घोंटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। महिला के चरित्र पर संदेह के चलते उसके पति द्वारा ही हत्या किए जाने का आरोप है।

घटना के बाद आरोपी पति फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

मृतका की पहचान और घटना का समय

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान सोनाली बोरुडे के रूप में हुई है। आरोप है कि उसके पति अनिल प्रल्हाद बोरुडे (40), निवासी दरेगांव, तहसील पैठण, ने 24 अगस्त को दोपहर एक बजे से पहले डीएमआईसी परिसर स्थित खेत में उसका गला घोंट दिया। इस वारदात में सोनाली की मौत हो गई।

पुलिस की FIR और धाराएं

मामले की जानकारी मिलने के बाद बिडकीन पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतका की मां पदमा सूर्यभान बनकर (60) की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत अपराध क्रमांक 521/2026 दर्ज किया है।

हत्या की मुख्य वजह और जांच

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पत्नी के चरित्र पर संदेह हत्या का कारण सामने आया है। हालांकि, हत्या के पीछे कोई अन्य वजह थी या वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है, इसकी भी जांच की जा रही है।

घटना के बाद से आरोपी अनिल बोरुडे फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर उसकी तलाश कर रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

घरेलू हिंसा और समाज की तस्वीर

यह दुखद घटना समाज में अविश्वास और आपसी संदेह के कारण बढ़ते घरेलू अपराधों की गंभीर तस्वीर पेश करती है। किसी भी भ्रम या शंका का समाधान संवाद से करने के बजाय हिंसा का रास्ता चुनना न केवल एक निर्दोष की बलि लेता है, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देता है।

ऐसी घटनाएं हमें सचेत करती हैं कि पारिवारिक विवादों में संयम, सही परामर्श और कानून का सहारा लेना बेहद जरूरी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी ही पीड़िता को न्याय दिला सकती है, ताकि समाज में कानून का खौफ और विश्वास बना रहे।

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