छत्रपति संभाजीनगर: शेंद्रा और बिडकीन इंडस्ट्रियल हब की सुरक्षा होगी मजबूत, बनेंगे 2 हाई-टेक पुलिस स्टेशन

Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर के शेंद्रा और बिडकीन इंडस्ट्रियल बेल्ट में सुरक्षा बढ़ाने के लिए MIDC ने गृह विभाग को 2-2 एकड़ जमीन सौंपी है। जानें कैसे होगी उद्योगों की सुरक्षा।
Shendra Bidkin MIDC New Police Station
छत्रपति संभाजीनगर के शेंद्रा और बिडकीन MIDC क्षेत्र में बनेंग दो नए पुलिस स्टेशनप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Shendra Bidkin MIDC New Police Station: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के शेंद्रा और बिडकीन औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र औद्योगिक क्षेत्र विकास से संबंधित संस्था ने गृह विभाग को दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में स्वतंत्र पुलिस थानों की स्थापना के लिए दो-दो एकड़ भूमि हस्तांतरित की है। इससे आने वाले समय में इन क्षेत्रों में अलग पुलिस थानों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

शेंद्रा-बिडकीन क्षेत्र में बढ़ रहे उद्याेग

शेंद्रा-बिडकीन क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग और परियोजनाएं स्थापित हो रही हैं। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर, जेएसडब्ल्यू और अन्य प्रमुख उद्योगों के कारण यहां औद्योगिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। उद्योगों की संख्या और कामकाज बढ़ने के साथ श्रमिकों, वाहनों और माल की आवाजाही भी बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रभावी पुलिस व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

कहां और कैसे बनेंगे नए पुलिस थाने?

प्रस्तावित दोनों पुलिस थानों के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी। वर्तमान में बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र का पुलिस थाना औद्योगिक क्षेत्र की सीमा में ही स्थापित किया जाएगा, जबकि शेंद्रा क्षेत्र में पुलिस थाना औरंगाबाद औद्योगिक शहर के समीप करमाड के पास प्रस्तावित है। दोनों थानों में पुलिस आयुक्तालय के नियंत्रण में पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध कराने की योजना है।

Shendra Bidkin MIDC New Police Station
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क्राइम पर प्रभावी नियंत्रण में सहायता मिलेगी

शेंद्रा-बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र में साइबर अपराध, चोरी, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, उद्योगों के विस्तार के साथ सुरक्षा की आवश्यकता बढ़ेगी और नए पुलिस थानों से त्वरित कार्रवाई तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण में सहायता मिलेगी।

औरंगाबाद औद्योगिक शहर के उपव्यवस्थापक अरुण दुबे ने बताया कि प्रारंभ में प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र के लिए आधा एकड़ भूमि पुलिस थाने के लिए उपलब्ध कराने की योजना थी। पुलिस विभाग की बढ़ी हुई आवश्यकता को देखते हुए अब प्रत्येक क्षेत्र के लिए दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। इससे भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।

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