

Bihar CM Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री स्रमाट चौधरी ने महिलाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में महिलाओं के लिए एक यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। इसमें सबसे खास बात यह है कि इस विश्विद्यालय में पढ़ने वाली स्टूडेंट्स् से लेकर वाइस चांसलर तक सभी महिलाएं ही होंगी। इस महिला युनिवर्सिटी में केवल छात्राओं को ही दाखिला मिलेगी।
इसके साथ ही टीचिंग और नॉन-टिचिंग सभी स्टाफ महिला ही होंगी। रक्षाबंधन के मौके पर इस खास यूनिवर्सिटी की घोषणा करते हुए सीएम ने महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिलाओं के खाते में करीब 600 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए।
गुरुवार, 27 अगस्त को पटना स्थित बापू सभागार में 'समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार अभियान' का मुख्यमंत्री ने शुरुआत की। इस खास मौके पर उन्होंने यह भी घोषणा किया कि 2030 तक जीविका दीदियों के विकास के लिए बिहार सरकार करीब 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसी कार्यक्रम से सीएम सम्राट चौधरी ने महिला रोजगार योजना की पहली और दूसरी किस्त 5 लाख लाभार्थियों के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए।
गौरतलब है इससे एक दिन पहले बुधवार, 26 अगस्त को सम्राट चौधरी की नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने महिलाओं और बच्चियों के लिए तीन बड़ी स्कीम की शुरुआत किया था। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की ड्यूटी जैसे अभियान को हरी झंडी दिखाई थी। इसके अलावा पुलिस दीदी 4700 दोपहिया वाहनों का भी शुभारंभ किया ।
वहीं, बिहार सरकार ने बेटी स्टार्टअप चैलेंज अभियान के तहत महिला उद्यमियों को उनके बिजनसे को रफ्तार देने के लिए 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक का आर्थिक मदद करेगी। सरकार के मुताबिक, इस योजना को तहत लगभग 2,100 महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। इनोवेशन करने वालीं बेटियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक दिन पहले ही बालिका पीएचडी स्कीम को हरी झंडी दिखाई है। इस योजना के तहत पीएचडी करने वालीं छात्राओं को सरकार 4 साल तक हर महीने 10-10 हजार रुपये की वित्तीय सहायत देगी। इस योजना का लाभ 1000 छात्राओं को मिलेगा।