Chhanv Foundation Submits Memorandum To Sunetra Pawar: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने एसिड हमले की पीड़ित महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महायुती सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और आवश्यक सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
राकां अजीत पवार पार्टी के प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को सुनेत्रा पवार का जनता दरबार भारी भीड़ के बीच संपन्न हुआ। उन्होंने हर नागरिक की समस्या को ध्यान से सुना और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अनेक शिष्टमंडल, व्यक्तिगत समस्याएं और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे लेकर लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
एसिड हमलों के खिलाफ जागरूकता और पीड़ितों के अधिकारों के लिए कार्यरत छांव फाउंडेशन के संस्थापक आलोक दीक्षित, अधिवक्ता पूजा मोती तथा एसिड हिंसा से उबरकर नया जीवन जी रही महिलाओं के प्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एसिड की बिक्री पर कड़े नियंत्रण, इसकी खरीद-बिक्री की प्रभावी निगरानी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एसिड की आसान उपलब्धता ऐसे जघन्य अपराधों को बढ़ावा देती है, इसलिए बिक्री प्रक्रिया को और अधिक नियंत्रित एवं पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है। साथ ही एसिड हमलों की रोकथाम के लिए कड़े कानून लागू करने, पीड़ितों के पुनर्वास, चिकित्सा सहायता, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए विशेष योजनाएं शुरू करने की भी मांग की गई। फाउंडेशन ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने छांव फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल और एसिड हिंसा से उबरकर नया जीवन शुरू करने वाली महिलाओं की बात गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनी। उन्होंने कहा कि एसिड हमले केवल किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर हमला होते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं का साहस और संघर्ष समाज के लिए प्रेरणादायक है।
सुनेत्रा पवार ने आश्वासन दिया कि महायुती सरकार एसिड पीड़ितों के सम्मानजनक पुनर्वास, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और एसिड की बिक्री पर नियंत्रण, प्रभावी निगरानी तथा कानूनों के कड़ाई से पालन के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य ऐसा सुरक्षित और संवेदनशील समाज बनाना है, जहां महिलाओं को भयमुक्त वातावरण और सम्मानजनक जीवन मिल सके।