Ghugghus Turmeric Cultivation Training: लॉयड्स इन्फिनाइट फाउंडेशन की ओर से किसान प्रशिक्षण केंद्र, मुरसा में हाल ही में हल्दी खेती तकनीक विषय पर विशेष किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में क्षेत्र के 20 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अधिक उत्पादन देने वाली और आर्थिक रूप से लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत 20 चयनित किसानों के खेतों में हल्दी के प्रदर्शन प्लॉट (डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट) विकसित किए जाएंगे। इसके लिए किसानों को हल्दी की खेती से संबंधित संपूर्ण तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को ‘सेलम’ किस्म के हल्दी बीज उपलब्ध कराए गए।यह किस्म अधिक उत्पादन देने वाली होने के साथ-साथ बाजार में इसकी मांग भी अधिक है, जिससे किसानों को बेहतर आय प्राप्त होने की संभावना है।कार्यक्रम में जलवायु एवं भूमि चयन, उपयुक्त वातावरण, बीजों का चयन, बीज उपचार, जैविक प्रक्रियाएं, जैविक एवं रासायनिक उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा उत्पादन वृद्धि के लिए आवश्यक आधुनिक तकनीकों जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
साथ ही किसानों की शंकाओं का समाधान कर उन्हें खेती में इन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग संबंधी आवश्यक तकनीकी जानकारी भी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसान प्रशिक्षण केंद्र, मुरसा के प्रबंधक डॉ. आदित्य कदम ने मुख्य प्रशिक्षक एवं मार्गदर्शक के रूप में किसानों को आधुनिक हल्दी खेती तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने का आह्वान किया।
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उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को नवीन एवं लाभदायक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना, उत्पादन लागत कम करना तथा आय में वृद्धि करना है। साथ ही विकसित किए जाने वाले प्रदर्शन प्लॉटों का अवलोकन कर अन्य किसान भी इस तकनीक का अध्ययन करें और अपने खेतों में इसे अपनाएं।प्रशिक्षण के समापन पर सहभागी किसानों को हल्दी के बीज वितरित किए गए।
इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. महेंद्र वैरागड़े (वरिष्ठ अधिकारी), महेश उपरे (अधिकारी) तथा मानस मकासरे (कनिष्ठ अधिकारी) द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में गजानन बोबडे, अभिजीत चौधरी, आदित्य मोहितकर तथा धनंजय पिंपलशेंडे का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। इस अवसर पर विश्वास व्यक्त किया गया कि इस पहल से क्षेत्र में आधुनिक हल्दी खेती तकनीक का व्यापक प्रसार होगा तथा किसानों की आर्थिक उन्नति को नई गति मिलेगी।