UP बना भारत का 'ग्रोथ इंजन': 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट का जाल, जानें पूरा प्लान

UP Infrastructure Engine: उत्तर प्रदेश 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट और 9 एक्सप्रेसवे के साथ देश का अग्रणी राज्य बन गया है। जानें कैसे योगी सरकार राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में जुटी है।
UP Emerges as India's 'Growth Engine': A Network of Expressways and Airports for a $1 Trillion Economy – Here’s the Full Plan
यूपी इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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UP Infrastructure Engine Trillion Dollar Economy:  उत्तर प्रदेश अब केवल अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के सबसे शक्तिशाली 'इंफ्रास्ट्रक्चर इंजन' के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के '1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' के विजन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं।

हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) श्री दीपक कुमार ने कहा कि विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल नीतियों ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बना दिया है।

कनेक्टिविटी का महाजाल

उत्तर प्रदेश की इस प्रगति की रीढ़ उसकी बेजोड़ कनेक्टिविटी है। वर्तमान में राज्य में 9 एक्सप्रेसवे पूरी तरह से क्रियाशील हैं, जबकि 13 अन्य पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। केवल सड़क मार्ग ही नहीं, बल्कि हवाई मार्ग में भी यूपी ने लंबी छलांग लगाई है। राज्य में 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों सहित कुल 21 हवाई अड्डों का जाल बिछाया जा रहा है, जो न केवल यात्रियों के लिए सुगमता बढ़ा रहे हैं, बल्कि उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत को भी काफी हद तक घटा रहे हैं। इसके साथ ही डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब निवेशकों को निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला की गारंटी दे रहे हैं।

मजबूत वित्तीय अनुशासन और औद्योगिक नीतियां

तेज विकास के बावजूद, उत्तर प्रदेश ने अपनी वित्तीय स्थिति को बेहद संतुलित रखा है। एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डों जैसी विशाल परियोजनाओं में भारी निवेश के बाद भी राज्य राजस्व अधिशेष बनाए हुए है और राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के लगभग 2 प्रतिशत तक सीमित रखने में सफल रहा है। सरकार ने 36 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों और 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) जैसी पहलों के माध्यम से उद्यमिता और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दिया है।

भविष्य के औद्योगिक गलियारे

राज्य में औद्योगिक विकास के नए क्षितिज खोलने के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 'सिंगापुर सिटी' और 'जापान सिटी' जैसी मेगा परियोजनाओं का प्रस्ताव दिया गया है। इन्वेस्ट यूपी के सीईओ श्री विजय किरण आनंद के अनुसार, ये परियोजनाएं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), उन्नत विनिर्माण और सेमीकंडक्टर निवेश को आकर्षित करने के लिए तैयार की जा रही हैं। 'निवेश मित्र 3.0' पोर्टल और समर्पित कंट्री डेस्क के जरिए निवेशकों के विश्वास को और मजबूत किया गया है।

पूंजी जुटाने के नए तरीके और लॉजिस्टिक्स हब

उत्तर प्रदेश अब परियोजनाओं के लिए केवल सरकारी बजट पर निर्भर नहीं है, बल्कि 'एसेट मॉनेटाइजेशन' के जरिए घरेलू और वैश्विक पूंजी जुटाने के लिए InvITs (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स) और REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स) जैसे आधुनिक वित्तीय साधनों का उपयोग कर रहा है।

इसके अलावा, यूपी डिफेंस कॉरिडोर औद्योगिक विकास और उच्च-मूल्य निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक 'फ्यूचर-रेडी लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम' तैयार कर रहा है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश ने वैश्विक मंच पर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह भविष्य-उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर सतत विकास की नई कहानी लिखने के लिए तैयार है।

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