Chandrapur Water Crisis Pipeline Issue: चंद्रपुर शहर के प्रभाग क्रमांक 6। स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के समीप का क्षेत्र 'जलनगर' के नाम से जाना जाता है। पिछले कई वर्षों से यहां की पाइपलाइन जाम होने के कारण अनेक घरों में नलों से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं जिन स्थानों पर पानी पहुंच रहा है, वहां गंदे एवं दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
ऐसे में चंद्रपुर के 'जल' नगर में ही पानी के भीषण संकट की स्थिति पैदा हो गई है। जिलाधिकारी कार्यालय और रेलवे स्टेशन परिसर के आसपास की बस्ती जलनगर में आती है। इस क्षेत्र में चंद्रपुर महानगरपालिका प्रशासन द्वारा नलों के माध्यम से जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी। मगर पिछले कुछ वर्षों से पाइपलाइन जाम होने के कारण कई घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थिति को देखते हुए कुछ स्थानों पर पानी की टंकियां लगाई गई हैं, जिनमें मनपा प्रशासन द्वारा टैंकर से पानी भरकर आपूर्ति की जाती है। वहीं कुछ हिस्सों में नलों के जरिए पानी आता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से नागरिकों ने दूषित पानी की शिकायतें की हैं। गंदे पानी के उपयोग से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका लोगों में बढ़ गई है। नागरिकों ने मनपा प्रशासन से पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कर स्वच्छ जलापूर्ति शुरू करने की मांग की है।
जलनगर में पानी की किल्लत के चलते शनिवार को मनपा प्रशासन द्वारा दोपहर में टैंकर से पानी सप्लाई की गई। हालांकि जिस टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा था, वह जगह-जगह से टूटा हुआ था, जिससे बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर ही बह रहा था।
इसपर नागरिकों ने सवाल उठाया कि टैंकर पानी लोगों तक पहुंचाने के लिए लाया गया है या सड़क पर बहाने के लिए? मनपा प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी।
"पिछले कुछ दिनों से आठ-आठ दिन के अंतराल में पानी की सप्लाई हो रही है। जो पानी आता है वह इतना गंदा होता है कि पीने योग्य तो दूर, अन्य घरेलू कामो में भी उपयोग करना मुश्किल हो जाता है। कभी-कभी टैंकर से पानी दिया जाता है, लेकिन दोपहर की तेज धूप में पानी भरना पड़ता है, प्रशासन की इस समस्या पर स्थायी समाधान करना चाहिए। -जलनगर, प्रियंका कांबले
नियमित जलापूर्ति नहीं होती, कभी नलों में पानी आता भी है तो उसमें कीड़े दिखाई देते हैं और बदबू आती है। यह पानी न पीने योग्य है और न ही घरेलू उपयोग के लायक। भीषण गर्मी में महिलाओं को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
-जलनगर, करूणा फुलझेले