Chandrapur Rajura Farmer Poison Incident: चंद्रपुर के राजुरा में खेत में हायवा घुसने से धान की फसल और सुरक्षा बाड़ को नुकसान पहुंचने के बाद मुआवजे को लेकर विवाद हो गया।
आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर किसान वैभव सालवे ने पुलिस के सामने कीटनाशक पी लिया। उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
राजुरा तहसील के विहिरगांव में 23 सितंबर को खेत में हायवा घुसने से नुकसान को लेकर विवाद हो गया। किसान वैभव मारोती सालवे (40) का दावा है कि एमएच-27 एक्स-8193 नंबर का दस पहिया हायवा अनियंत्रित होकर उनके खेत में घुस गया। इससे धान की फसल और सुरक्षा बाड़ को नुकसान पहुंचा।
किसान ने नुकसान करीब एक लाख रुपये का होने का दावा करते हुए मुआवजे की मांग की। इसी मांग को लेकर उन्होंने हायवा हटाने का विरोध किया और विहिरगांव-धानोरा मार्ग पर ट्रैक्टर खड़ा कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सालवे करीब दो घंटे तक मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर कीटनाशक पीने की चेतावनी भी दी। इसी दौरान विरूर पुलिस थाने के निरीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ मौके पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बातचीत के दौरान पुलिस निरीक्षक ने किसान के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। इसी बीच किसान ने हाथ में रखी कीटनाशक की बोतल से दवा पी ली। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।
घटना के बाद पुलिस ने किसान को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। राजुरा में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें चंद्रपुर शहर रेफर किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अस्पताल में उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
पुलिस निरीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ ने मामले को नुकसान के मुआवजे को लेकर हुआ विवाद बताया है। उनके अनुसार, 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि मुआवजे की मांग पहले 10 हजार, फिर 30 हजार और बाद में एक लाख रुपये बताई गई थी।
पुलिस के अनुसार, वाहन मालिक के प्रतिनिधि से करीब 25 हजार रुपये मुआवजे को लेकर बातचीत हुई थी। किसान को कानूनी शिकायत करने या संबंधित व्यक्ति से बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने की सलाह दी गई थी। पुलिस का कहना है कि वाहन मालिक के लौटने के बाद खेत की बाड़ की मरम्मत और मुआवजे को लेकर चर्चा की जानी थी।
घटना के बाद हायवा चालक की भूमिका, खेत को हुए वास्तविक नुकसान, मुआवजे को लेकर हुई बातचीत और किसान द्वारा कीटनाशक पीने से पहले हुए संवाद की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। मामले में सामने आए आरोपों और पुलिस के पक्ष की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।