चंद्रपुर में आत्महत्या प्रयास, प्रशासन पर उठे सवाल; जमीन विवाद में किसान ने पिया कीटनाशक

Chandrapur Farmer Suicide Attempt: चंद्रपुर के कोठारी में जमीन विवाद से परेशान किसान ने अधिकारियों के सामने कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश की। घटना के बाद प्रशासनिक भूमिका पर सवाल उठे।
Suicide Attempt in Chandrapur: Questions Raised Over Administration; Farmer Consumes Pesticide Amidst Land Dispute
चंद्रपुर किसान आत्महत्या प्रयास, (प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chandrapur Land Dispute Protest: चंद्रपुर बल्लारपुर तहसील के कोठारी में एक चौंकाने वाली घटना हुई, जहाँ एक परेशान किसान ने जमीन के विवाद में पुलिस, नायब तहसीलदार और कथित खरीदार के सामने कीटनाशक पीकर आत्महत्त्या करने की कोशिश की।

किसान का नाम अरुण मारोती पारेलवार (56) है, जो कोठारी का रहने वाला है। उसकी हालत गंभीर है और उसका चंद्रपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना से पूरे इलाके में हंगामा मच गया है और हर तरफ रोष देखा जा रहा है।

जमीन के लेन-देन पर सवालिया निशान

मिली जानकारी के मुताबिक, यह जमीन यमुना लक्ष्मण पारेलवार ने खानदानी कानून के तहत खरीदी थी और यह 'भोगवटादार वर्ग-2' की जमीन है। नियमों के मुताबिक, ऐसी जमीन के हस्तांतरण के लिए सही अधिकारी से पहले विधिवत अनुमति लेना जरूरी है। भले ही यमुना पारेलवार के किसी वारिस ने जमीन नहीं बेची है, फिर भी यह जमीन तेजिंदर सिंह दारी के नाम पर कैसे हो गई? यह एक असंतोषजनक सवाल उठ रहा है। आरोप है कि इस जमीन से संदिग्ध लेन-देन हुए हैं।

कोर्ट में लंबित है मामला

पता चला है कि जमीन का विवाद अभी बल्लारपुर की स्थानिय अदालत में लंबित है। साथ ही, पारेलवार परिवार ने दारी से बार-बार मिल रही धमकियों और परेशान करने के बारे में कोठारी पुलिस स्टेशन में पहले ही लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। जब केस कोर्ट में था और पारेलवार परिवार सालों से खेत पर कब्जा किए हुए था, तो वारिस पूछ रहे हैं कि किसके दबाव में पुलिस और राजस्व प्रशासन ने खड़ी फसल पर कब्जा करने की कार्रवाई की ?

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नागरिकों का कहना है कि खड़ी फसल में JCB और ट्रैक्टर चलाकर गरीबों की रोजी-रोटी छीनने और उन्हें हमेशा के लिए जमीन से बेदखल करने की यह कोशिश इंसानियत के लिए शर्म की बात है। हमारी रोजी-रोटी सिर्फ खेती है, अगर वह चली गई तो हम क्या करेंगे? पारेलवार परिवार ने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और तेजिंदर सिंह दारी के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जमीन से जुड़े दस्तावेज नहीं दे पाया

खेत के खरीदार ने पुलिस और राजस्व प्रशासन में कब्जा पाने के लिए आवेदन किया था और सरकारी नियमों के मुताबिक शुल्क देकर मदद मांगी थी। हम मौके पर मौजूद थे ताकि कानून व व्यवस्था खराब न ही इसका ध्यान रखा।

लेकिन, जब किसान ने खेत का कब्जा हस्तांतरित करने का विरोध किया, तो पूछने पर वह जमीन से जुड़े सबूत और दस्तावेज नहीं दे पाया। इसके बाद उसने कीटनाशक पी लिया। उसका चंद्रपुर में इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है। फिलहाल, कब्जा हस्तांतरण रोक दिया गया है। अजय मल्लेलवार, नायब तहसीलदार, बल्लारपुर।

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