Chandrapur AIMIM Councillor Attack: चंद्रपुर शहर में नगर निगम के MIM पार्षद अजहर शेख पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार देर रात 10 से 15 लोगों के समूह द्वारा किए गए हमले की जांच के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह घटना तिरंगा रैली के दौरान हुए राजनीतिक विवाद के बाद हुई कहासुनी से जुड़ी बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को चंद्रपुर शहर में तिरंगा रैली निकाली गई थी। इसी रैली के दौरान फरहान खान और अजहर शेख के बीच राजनीतिक मुद्दे को लेकर बहस हुई थी। बताया जा रहा है कि फरहान खान ने अजहर शेख से सवाल किया था कि वह भाजपा का समर्थन क्यों करते हैं। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
जानकारी के मुताबिक, यह विवाद बाद में एक होटल में फिर से सामने आया, जहां बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसी घटनाक्रम के बाद शनिवार देर रात अजहर शेख पर हमला होने की शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने फिरोज खान, उनके पुत्र फरहान खान और रेहान खान, तीनों निवासी चंद्रपुर, की पहचान की है। पुलिस ने इनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
अजहर शेख ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया था कि उन पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। हालांकि, पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में अब तक धारदार हथियार के इस्तेमाल के स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में मारपीट की घटना दिखाई दे रही है, लेकिन पार्षद पर हथियार से हमला किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही चिकित्सकीय जांच में भी उनके शरीर पर हथियार से गंभीर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।
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फिलहाल चंद्रपुर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले के पीछे राजनीतिक विवाद की भूमिका की भी जांच की जा रही है।