Chandrapur Abhijeet dipke CJP Protest CM Fadnavis Police Notice: चंद्रपुर में CJP कार्यकर्ताओं को पुलिस नोटिस दिए जाने के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
दिपके ने सवाल उठाया कि दिल्ली में होने वाला आंदोलन हिंसक हो सकता है, यह पुलिस को पहले से कैसे पता चला? वहीं पुलिस की ओर से नोटिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई बताया गया है।
चंद्रपुर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चंद्रपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस की ओर से नोटिस दिए जाने का विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
यह विवाद CJP के 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन से जुड़ा है। दिपके ने आरोप लगाया कि चंद्रपुर पुलिस कार्यकर्ताओं पर दिल्ली जाने से रोकने के लिए दबाव बना रही है। पुलिस की ओर से जारी नोटिस में आंदोलन में शामिल होने के कारण, यात्रा के लिए आर्थिक सहयोग कौन कर रहा है और आंदोलन का उद्देश्य क्या है, जैसी जानकारी मांगी गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, बल्लारपुर पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं पवन भगत और मयूर मालखेडे को नोटिस जारी किया था। नोटिस में उन्हें बिना अनुमति आंदोलन में शामिल नहीं होने और हिंसक प्रदर्शनकारियों से दूरी रखने की हिदायत दी गई थी। सोशल मीडिया पर हिंसा या भड़काऊ सामग्री से संबंधित पोस्ट नहीं करने के निर्देश भी दिए गए थे।
पुलिस ने नोटिस में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू प्रतिबंधात्मक प्रावधानों का भी उल्लेख किया था। पुलिस का पक्ष सामने रखने वाली रिपोर्टों के अनुसार, ऐसी कार्रवाई को आंदोलन से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबंधात्मक प्रक्रिया बताया गया है।
अभिजीत दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन के हिंसक होने की जानकारी पुलिस को पहले से कैसे है। उन्होंने कहा कि CJP महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों की बात करता है और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चेतावनी देना उचित नहीं है।
उन्होंने फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र की अपनी राजनीतिक और सामाजिक परंपरा है और पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, ये दिपके के आरोप और राजनीतिक बयान हैं।
CJP की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का आह्वान किया गया है। संगठन के अनुसार, चंद्रपुर जिले से भी कार्यकर्ता इसमें शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे हैं। इस आंदोलन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाना है।
CJP कार्यकर्ता पवन भगत के अनुसार, पुलिस ने देर शाम उन्हें दिया गया नोटिस वापस ले लिया। वहीं मयूर मालखेडे ने दावा किया कि उन्हें दो अलग-अलग नोटिस मिले थे-एक की हार्ड कॉपी और दूसरा WhatsApp के जरिए। उनके अनुसार, हार्ड कॉपी की प्रतिलिपि पर परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर लिए गए, जबकि WhatsApp पर मिले नोटिस को उन्होंने पुलिस को वापस नहीं किया।