गोंदिया जिले के 83,283 राशन कार्डधारकों को दिवाली पर 'आनंद का राशन' मिलने को लेकर अनिश्चितता है।
पिछले वर्षों में किट में शक्कर, खाद्य तेल, रवा, चना दाल, मैदा और पोहा दिया जाता था।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार, इस बार खर्च के प्रस्ताव के लिए अब तक निर्देश नहीं मिले हैं।
सूखे और महंगाई के बीच गरीब परिवारों को राहत देने की मांग उठ रही है।
Rain Alert Bhandara: भंडारा जिले में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। लगातार दूसरे दिन आसमान में बादल छाए रहने से मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर तक तीन दिनों का अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान चमक-गरज के साथ काहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया था। हालांकि, पिछले दो दिनों में जिले में बारिश की कोई खबर नहीं मिली, लेकिन बुधवार को शाम 5.35 बजे भंडारा शहर में हल्की बूंदाबांदी हुई।
दूसरी ओर, धान की कटाई के ऐन सीजन में आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस वर्ष शुरुआत में बारिश को अनिश्चितता और सूखे जैसी विपरीत
परिस्थितियों के बावजूद किसानों ने कड़ी मेहनत और भारी लागत लगाकर धान की फसल तैयार की है। वर्तमान में कई क्षेत्रों में कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि अधिकांश खेतों में फसल पककर तैयार खड़ी है।
ऐसे नाजुक समय में बेमौसम बारिश होने पर खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भीगने और खड़ी फसल के गिरने से भारी नुकसान हो सकता है। लगातार नमी रहने से धान को सुखाने, मड़ाई करने और सुरक्षित भंडारण तक पहुंचाने में भी बाधा आएगी।
पहले से बढ़ती कृषि लागत, मजदूरों की कमी और मौसम की अनिश्चितता से आर्थिक तंगी झेल रहे किसानों की चिंता बढ़ गई है। अब किसान आसमान साफ होने और मौसम अनुकूल बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
आसमान में बादल छाए रहने के कारण शाम 5.30 बजे ही अंधेरा छा गया और बिजली की रोशनी करनी पड़ी, मौसम में आए बदलाव का फिलहाल जनजीवन पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन तड़के गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के कारण सुबह के समय सिहरन बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बादल छूटने के बाद ठंड का असर और स्पष्ट दिखाई देगा। बदलते मौसम के कारण संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।