Tumsar Sand Ghat Auction:तुमसर उपविभाग (सोर्सः सोशल मीडिया) 
भंडारा

तुमसर उपविभाग में 42 रेत घाटों की नीलामी, 40 करोड़ से अधिक राजस्व, 6.79 लाख ब्रास रेत उपलब्ध

Tumsar Sand Ghat Auction: तुमसर उपविभाग में 42 रेत घाटों की नीलामी को मंजूरी मिलने से 40 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व का लक्ष्य तय किया गया जिससे रेत की उपलब्धता बढ़ेगी और निर्माण कार्यों को गति मिला।

आंचल लोखंडे

Bhandara Sand Ghats: भंडारा जिले में रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया में इस वर्ष तुमसर उपविभाग ने बड़ी बढ़त हासिल की है। प्रशासन ने उपविभाग के अंतर्गत 42 रेत घाटों की नीलामी को मंजूरी देकर लंबे समय से ठप पड़े निर्माण क्षेत्र को नई गति देने का मार्ग प्रशस्त किया है। वर्ष 2025–26 के लिए संपन्न इस व्यापक नीलामी प्रक्रिया से शासन को 40 करोड़ 74 लाख 78 हजार 192 रुपये के राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे रेत की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण आने और आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

तुमसर उपविभाग के अंतर्गत वैनगंगा, बावनथड़ी और सूर नदी के पात्रों में स्थित प्रमुख रेत घाटों को इस नीलामी में शामिल किया गया है। कुल 6,79,129 ब्रास रेत इस प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। ढोरवाड़ा, मुंडरी, देव्हाड़ा, निलज, बेटाला, चिखली, लोभी, चांदमारा, आष्टी, धुटेरा, कवलेवाड़ा और सोंड्या जैसे बड़े घाटों के लिए ठेकेदारों में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। विशेष रूप से तुमसर के बामणी और तामसवाड़ी घाटों की नीलामी राशि प्रति घाट 12.72 लाख रुपये से अधिक रही, जहां बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन की संभावना जताई जा रही है।

पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन प्रणाली

नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा कड़े नियम लागू किए गए हैं। प्रत्येक सफल ठेकेदार को कुल नीलामी राशि का 25 प्रतिशत अनामत राशि के रूप में जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, घाटों से निकाली जाने वाली रेत की प्रत्येक एंट्री ‘महाखनिज’ ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज करना आवश्यक रहेगा। अवैध उत्खनन और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी राजस्व विभाग द्वारा दी गई है।

आवास लाभार्थियों को प्राथमिकता

सरकारी कल्याणकारी नीति के तहत नीलामी से उपलब्ध कुल रेत भंडार का 10 प्रतिशत हिस्सा आवास (घरकुल) योजना के लाभार्थियों के लिए आरक्षित रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबित आवास निर्माण कार्यों को गति मिलने की संभावना है। निर्धारित मानकों के अनुसार इस आरक्षित रेत का वितरण किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 11 दिसंबर से शुरू हुई ई-निविदा प्रक्रिया 29 दिसंबर को ऑनलाइन माध्यम से पूरी कर ली गई है। अब प्रत्यक्ष उत्खनन कार्य प्रारंभ होने के बाद तुमसर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और निर्माण गतिविधियों को बड़ा संबल मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।

6G की वैश्विक दौड़ में शामिल हुआ भारत, अमेरिका समेत 24 देशों से मिलाया हाथ, डेटा सेंटर्स पर भी चर्चा

MBA Admission 2027: CAT से XAT तक टॉप एंट्रेंस एग्जाम की पूरी लिस्ट, जानें डेट और योग्यता

Delhi Building Collapse Live: PG मालिक के बाद पत्नी-बेटा भी अरेस्ट, सत्य निकेतन में 27 घंटे बाद रेस्क्यू खत्म

Weather Forecast: दिल्ली-यूपी समेत 17 राज्यों में मौसम बिगड़ेगा, बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट जारी

क्या नेपाल, भूटान या पाकिस्तान के नागरिक दे सकते हैं UPSC सिविल सेवा परीक्षा? जानिए पूरा नियम