भंडारा आवारा कुत्ते  (सोर्सः सोशल मीडिया)
भंडारा

भंडारा में बढ़ रहे आवारा कुत्तों के झुंड, नसबंदी और रेबीज टीकाकरण अभियान लंबित

Sray Dog Sterilization: भंडारा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नसबंदी और रेबीज टीकाकरण अभियान अटक गया है। आठवीं निविदा में संस्था का चयन और कार्यादेश जारी हो गया है।

आंचल लोखंडे

Bhandara Stray Dogs: भंडारा शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए शुरू की जाने वाली नसबंदी और रेबीज प्रतिबंधक टीकाकरण मुहिम निविदा प्रक्रिया में उलझ गई है। नगरपालिका की ओर से कुत्तों की नसबंदी के लिए लगातार सात बार निविदाएं निकाली गईं, लेकिन अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला।

आखिरकार आठवीं निविदा में छत्रपति संभाजीनगर के जानता राजा चैरिटेबल ट्रस्ट ने सबसे कम दर प्रस्तुत की। संस्था का चयन कर उसे कार्यादेश भी जारी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रत्यक्ष काम शुरू नहीं हुआ है।

नसबंदी और टीकाकरण अभियान का इंतजार

शहर के विभिन्न परिसरों में आवारा कुत्तों के झुंड बढ़ते जा रहे हैं। रात के समय राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुत्तों द्वारा वाहन चालकों का पीछा करने, राहगीरों को दौड़ाने और छोटे बच्चों के आसपास झुंड में घूमने की घटनाओं से नागरिकों में भय का माहौल है।

सड़कों पर बढ़े कुत्तों के झुंड

कुछ क्षेत्रों में कुत्तों के काटने तथा पागल कुत्तों के उत्पात की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी के साथ ही नियमित रेबीज प्रतिबंधक टीकाकरण आवश्यक है। लेकिन नसबंदी अभियान शुरू नहीं होने से नगरपालिका के सामने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण की चुनौती बनी हुई है।

नसबंदी के लिए जरूरी है प्रशिक्षित व्यवस्था

आवारा कुत्तों की नसबंदी केवल शल्यक्रिया तक सीमित नहीं है। इसके लिए प्रशिक्षित कुत्ता पकड़ने वाली टीम, विशेष वाहन, पशु चिकित्सक, ऑपरेशन कक्ष, दवाएं, चिकित्सा उपकरण और सुरक्षित पिंजरों की आवश्यकता होती है। नसबंदी के बाद कुत्तों की देखभाल, टीकाकरण और उपचार के बाद उन्हें नियमानुसार उसी क्षेत्र में छोड़ने की व्यवस्था भी जरूरी है।

रेबीज टीकाकरण पर ध्यान जरूरी

28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। ऐसे में आवारा कुत्तों के व्यापक रेबीज टीकाकरण, नसबंदी और नागरिकों में जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कुत्ते के काटने पर जख्म को तत्काल साबुन और पानी से धोकर चिकित्सकीय उपचार लेना आवश्यक है।

नागरिकों की सुरक्षा के लिए अब केवल निविदा प्रक्रिया पूरी करना पर्याप्त नहीं होगा। नसबंदी, टीकाकरण, शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, प्रशिक्षित पथक, पशु चिकित्सा सुविधा और कचरा प्रबंधन जैसे उपायों को एक साथ लागू करना जरूरी है।

Ambala Building Collapse: अंबाला में भरभराकर गिरी निर्माणाधीन इमारत, 4 मजदूरों की मौत; कई मलबे में दबे

खराब सड़क दिखाने पर गुंडागर्दी पर उतरे मंत्री, प्रवेश वर्मा ने युवक को जड़ा थप्पड़; देखें VIDEO

बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे पर मुश्किल में फंसे तीर्थयात्री! भारी बारिश से गिरा चट्टान, इलाके में रेड अलर्ट जारी

SIR Controversy: चुनाव आयोग पर सवाल उठाने पर भड़कीं CM रेखा गुप्ता, बोलीं- लोकतंत्र को कमजोर कर रहा विपक्ष

Ram Mandir: चंपत राय को भेजा था ₹2.25 लाख का VIDEO, SIT चार्जशीट में क्या-क्या? राम मंदिर में NSG कमांडो तैनात