Bhandara School Nutrition Meal: विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए संचालित शालेय पोषण आहार योजना की जमीनी स्थिति महाराष्ट्र राज्य खाद्य आयोग की जांच में सामने आई है। जिले की चार स्कूलों में पोषण आहार की जांच के दौरान दो स्कूलों के रसोईघरों में भारी गंदगी के साथ चूहों की बीट मिली। विद्यार्थियों का भोजन तैयार होने वाले स्थान पर ऐसी स्थिति सामने आने से व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आयोग ने संबंधितों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राज्य खाद्य आयोग की टीम ने विभिन्न स्कूलों का दौरा कर विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की। अधिकारियों ने स्वयं भोजन चखकर उसका जायजा लिया। साथ ही रसोईघर की स्वच्छता, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और योजना के क्रियान्वयन की भी जांच की गई। चार स्कूलों की जांच में दो रसोईघरों में साफ-सफाई का अभाव मिला। चूहों की बीट मिलने को आयोग ने गंभीरता से लिया।
स्वच्छता पर सवाल विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर संचालित योजना में भोजन तैयार करने वाली जगह पर गंदगी और चूहों की बीट मिलना गंभीर चिंता का विषय है। यह स्थिति केवल स्वच्छता की अनदेखी नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से भी जुड़ा मामला है। ऐसे में संबंधित व्यवस्था की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।
आयोग ने शालेय पोषण आहार के साथ अंगणवाड़ियों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से लाभार्थियों को मिलने वाले राशन की भी जांच की। आयोग के अनुसार, कोई भी पात्र लाभार्थी अन्न के अधिकार से वंचित न रहे और महाराष्ट्र भुखमुक्त बने, इसी उद्देश्य से जिलानिहाय निरीक्षण किया जा रहा है।
रसोईघरों में मिली गंदगी के बाद आयोग ने संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब यह कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रहती है या जिम्मेदारी तय कर ठोस कदम उठाए जाते हैं, इस पर अभिभावकों की नजर है।