Bhandara Sakhi One Stop Center News: केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर ने एक बार फिर संकट में फंसी महिला की मदद कर सराहनीय कार्य किया है।केंद्र ने रास्ता भटकी एक 25 वर्षीय महिला को न केवल सुरक्षित आश्रय दिया, बल्कि तकनीकी जांच और काउंसलिंग के जरिए उसके परिवार को खोजकर उसे सुरक्षित सुपुर्द किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 17 अप्रैल की रात वरठी के श्रीकृष्ण ज्वेलर्स के पास एक अज्ञात महिला अत्यंत डरीसहमी स्थिति में पाई गई।
स्थानीय नागरिकों की सूचना पर पुलिस ने उसे तत्काल सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया। शुरुआती दौर में महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह अपनी पहचान बताने में असमर्थ थी। केंद्र की प्रशासक लता मोहरकर और उनकी टीम ने महिला का विश्वास जीता और उसे मानसिक संबल प्रदान किया।
कुछ दिनों बाद महिला ने बताया कि उसका नाम फातिमा जमशेद खान है और वह राजस्थान के पहाड़ी तहसील के गांव सेसन, खेडली काजी की रहने वाली है। उसने बताया कि पारिवारिक विवाद के कारण वह हैदराबाद चली गई थी, लेकिन लौटते समय ट्रेन में उसके 6,000 रुपये चोरी हो गए। पैसे खो जाने के डर से वह रास्ता भटक गई और भंडारा पहुंच गई।
यह भी पढ़ें:- Akola Census 2027: 1 मई से स्वगणना शुरू, जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने नागरिकों से सहयोग की अपील
स्थानीय सरपंच व प्रशासन से साधा संपर्ककेंद्र की टीम ने पुलिस की मदद से तकनीकी जांच की और राजस्थान में स्थानीय सरपंच व प्रशासन से संपर्क साधा। कड़ी मशक्कत के बाद महिला के परिजनों का पता चल पाया। सूचना मिलते ही महिला की मां हैदराबाद से भंडारा पहुंची।
26 अप्रैल को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद फातिमा को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बेटी को सकुशल पाकर मां की आंखें भर आईं। उन्होंने केंद्र की प्रशासक लता मोहरकर, केस वर्कर रुपाली कुंभारे और सुरक्षा रक्षक मंगला घोनमोडे के प्रति आभार व्यक्त किया है।