Highlights:
भंडारा जिले में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत नल जल परियोजनाओं में से 401 का काम पूरा हो चुका है।
कुल 275 करोड़ रुपए के बजट में से 188.62 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
जिले के 2,56,684 लक्षित परिवारों में से 2,26,085 घरों को अब तक नल कनेक्शन मिला है।
Bhandara Jal Jeevan Mission: कम बारिश और सूखे के मंडराते खतरें के बीच भंडारा जिले के ग्रामीण अंचलों में भीषण पेयजल संकट गहराने की आशंका तेजी से बढ़ रही है। हर ग्रामीण परिवार को घर तक स्वच्छ और पर्याप्त पानी मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए जल जीवन मिशन की रफ्तार पर धन की कमी के कारण ब्रेक लग गया है। जिले में मंजूर कुल 692 नल जल परियोजनाओं में से 291 योजनाएं अब भी अधर में लटकी हुई हैं।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 401 योजनाओं का निर्माण कार्य ही पूरा हो पाया है। इन सभी परियोजनाओं के लिए स्वीकृत 275 करोड़ रुपए के कुल बजट में से 188.62 करोड़ रुपए ही जारी किए गए हैं, जबकि 86.38 करोड़ रुपए का भुगतान अभी भी अटका पड़ा है। बकाया धन न मिलने की वजह से ठेकेदारों के बिल रुक गए हैं, जिससे निर्माण कार्यों की गति सुस्त पड़ गई है।
आने वाले दिनों में गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही पानी की मांग में भारी इजाफा होगा। ऐसे में संभावित जल किल्लत से ग्रामीणों को बचाने के लिए शासन स्तर से तुरंत पर्याप्त धन जारी करना और इन अटकी परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा कराना जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौति बनकर उभरा है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2019 को इस महत्वाकांक्षी मिशन का आगाज किया था। शुरुआत में वर्ष 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था। हालांकि, देश भर में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति को देखते हुए मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन का पुनर्गठन करते हुए इसकी समय सीमा को बढ़ाकर दिसंबर 2028 कर दिया। भंडारा जिले की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो स्वीकृत योजनाओं में से महज 58 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है, जबकि 42 प्रतिशत योजनाएं अब भी पूरी होने का इंतजार कर रही हैं।
व्यक्तिगत नल कनेक्शन के मामले में जिले भर के 2,56,684 परिवारों को नल से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से अब तक 2,26,085 यानी लगभग 88 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, लेकिन 30,599 परिवार आज भी इस सुविधा से वंचित हैं। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला परिषद भंडारा के जल आपूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता हितेश खोब्रागडे ने बताया कि 401 योजनाओं का काम पूर्ण हो चुका है और संबंधित क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति जारी है। शेष 291 अधूरी योजनाओं का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के लिए ठेकेदारों को कारण बताओ और चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं।