Bhandara Gram Panchayat Reservation: भंडारा जिले में वर्ष 2025 से 2030 के दौरान कार्यकाल पूरा होने वाली 540 ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों के लिए नागरिकों का पिछड़ा वर्ग और खुले वर्ग का संशोधित आरक्षण घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी सावन कुमार ने अधिसूचना जारी कर यह जानकारी दी। ग्राम विकास विभाग के 12 अगस्त 2026 के शुद्धिपत्रक के अनुसार यह संशोधित आरक्षण निर्धारित किया गया है।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग का आरक्षण पहले ही 13 जून 2025 की अधिसूचना के अनुसार ग्रामीण आबादी के अनुपात में निर्धारित किया जा चुका है। इसलिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
संशोधित आरक्षण के बाद आगामी ग्राम पंचायत चुनाव में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे, यह स्पष्ट हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा आरक्षण प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा रही है। संबंधित ग्राम पंचायतों और नागरिकों से आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार अपने क्षेत्र के आरक्षण की जानकारी जांचने की अपील की गई है।
तहसीलनुसार देखें तो तुमसर की 97 ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के लिए 25 तथा पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 13 पद आरक्षित हैं। खुले वर्ग के 49 पदों में से 24 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। मोहाड़ी की 75 ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के 20 और नामाप्र महिला के 10 पद हैं। खुले वर्ग के 43 पदों में 22 पद महिलाओं के लिए आरक्षित
हैं।
भंडारा तहसील की 94 ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के 22, पिछड़ा वर्ग महिला के 11, खुले वर्ग के 47 तथा खुले महिला वर्ग के 23 पद निर्धारित किए गए हैं। पवनी की 79 ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के 16 तथा पिछड़ा वर्ग महिला के 8 पद हैं। खुले वर्ग के 40 पदों में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। साकोली की 62 ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के 13 और पिछड़ा वर्ग महिला के 7 पद निर्धारित हैं।
जिले की 540 ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों में पिछड़ा वर्ग के लिए 128 पद आरक्षित किए गए है। इनमे 66 पद पिछड़ा वर्ग महिला वर्ग के लिए है। वहीं खुले वर्ग के 278 पद निर्धारित किए गए हैं, जिनमें महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। महिलाओं के लिए आरक्षित पद संबंधित खुले और पिछड़ा वर्ग के भीतर शामिल हैं, संशोधित आरक्षण घोषित होने के साथ ही आगामी ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों की राजनीतिक तैयारिया भी तेज होने की संभावना है। अब संबंधित ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के आरक्षण के अनुसार चुनावी समीकरण बनने लगेंगे।