महाराष्ट्र की 14,234 ग्राम पंचायतों में संकट, प्रशासकों का कार्यकाल खत्म; सरकार के आदेश का इंतजार

Maharashtra Gram Panchayat Crisis: महाराष्ट्र की 14,234 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों का कार्यकाल खत्म होने के बाद अनिश्चितता बनी हुई है। सरकार की ओर से नया आदेश जारी न होने से कामकाज प्रभावित है।
Crisis in 14,234 Gram Panchayats of Maharashtra; administrators' tenure ends
महाराष्ट्र ग्राम पंचायत, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: AI
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Maharashtra Gram Panchayat Administrator: महाराष्ट्र की 14,234 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों का छह महीने का कार्यकाल 23 अगस्त को खत्म हो गया, लेकिन राज्य सरकार की ओर से आगे की व्यवस्था को लेकर अब तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है। ग्राम विकास मंत्रालय के निर्णय के अभाव में जिला प्रशासन भी असमंजस में है।

नतीजतन राज्य की करीब 51 फीसदी ग्राम पंचायतों का कामकाज फिलहाल अनिश्चितता में है। राज्य में कुल 27,968 ग्राम पंचायतें हैं।

इनमें से 14,234 ग्राम पंचायतों का निर्वाचित कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हो गया था। इसके बाद सरकार ने छह महीने के लिए मौजूदा व्यवस्था को विस्तार दिया था। हालांकि, इस दौरान पानी और स्वच्छता जैसे आवश्यक कार्यों को छोड़कर अन्य विकास कार्यों पर खर्च की पाबंदी थी। अब यह अवधि भी समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद सरकार ने न तो प्रशासकों का कार्यकाल आगे बढ़ाने का आदेश जारी किया है और न ही नए प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

कार्यकाल पूरा कर चुकी ग्राम पंचायतों के चुनाव की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू कर दी है। सरपंच आरक्षण की लॉटरी, प्रभाग रचना और प्रभाग आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रभागवार मतदाता सूची को लेकर भी आदेश जारी किए गए हैं।

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कोल्हापुर ने अपने स्तर पर नियुक्त किए प्रशासक

राज्य सरकार के आदेश का इंतजार किए बिना कोल्हापुर जिला परिषद ने अपने स्तर पर कदम उठाया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. जैस्मिन ने 21 अगस्त को कार्यकाल पूरा कर चुकी 433 ग्राम पंचायतों में विस्तार अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त करने के आदेश जारी किए।

कोल्हापुर के इस फैसले के बाद अन्य जिलों में भी इसी तरह प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना है। हालांकि, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।

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