Bhandara Health Department: बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने प्रतिबंधात्मक उपाय तेज कर दिए हैं। वर्ष 2026 में अब तक जिले में मलेरिया के 5 और डेंगू के 7 मरीज मिले हैं। हालांकि, दोनों बीमारियों से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है।
मरीजों का समय पर निदान और उपचार करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण, रक्त जांच, मच्छर नियंत्रण और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मलेरिया की जांच के लिए अब तक 2 लाख 88 हजार 40 रक्त नमूनों, जबकि डेंगू के लिए 1,913 रक्तजल नमूनों की जांच की गई है।
जांच में मलेरिया के 5 और डेंगू के 7 मरीज संक्रमित पाए गए। संबंधित मरीजों को समय पर उपचार दिया गया है। मरीज मिलने वाले क्षेत्रों में तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। संदिग्ध मरीजों की तलाश कर उनकी जांच की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में आवश्यक दवाओं, जांच सामग्री तथा कीटनाशकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराया गया है। डेंगू और मलेरिया अधिसूचित बीमारियां होने के कारण निजी अस्पतालों में मिलने वाले मरीजों की जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त होती है।
डेंगू और मलेरिया का प्रसार रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कीट विज्ञान सर्वेक्षण, टेमिफांस गतिविधि और गप्पी मछलियां छोड़ने जैसे उपाय किए जा रहे हैं। मच्छरों के प्रजनन स्थल खोजकर उन्हें नष्ट करने पर विशेष जोर है। जून को मलेरिया प्रतिरोध माह और जुलाई को डेंगू प्रतिरोध माह के रूप में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई।
भंडारा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नितिन कापसे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से घर और परिसर में पानी जमा न होने देने, मच्छरों के प्रजनन स्थल नष्ट करने तथा बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है।