तीन वर्षों में आठ ब्लैक स्पॉट पर 55 हादसे और 23 मौतें।
कारधा चौक पर 16 हादसों में 3 लोगों की जान गई।
भलेवाड़ा में 15 हादसों में 5 लोगों की मौत।
शिवनीबांध मार्ग पर 9 हादसों में 5 लोगों की मृत्यु।
यातायात पुलिस ने संकेतक, रिफ्लेक्टर और गति नियंत्रण जैसे उपायों पर जोर दिया।
Bhandara Road Accidents 3 Years 55 Accidents 23 Deaths: भंडारा जिले में वर्ष 2023 से 2025 के बीच आठ दुर्घटना संभावित स्थलों पर 55 भीषण सड़क हादसे हुए, जिनमें 23 लोगों की मौत हुई। कारधा चौक, भलेवाड़ा और शिवनीबांध मार्ग जैसे स्थानों पर हादसों ने सड़क सुरक्षा उपायों की जरूरत बढ़ा दी है।
जिला यातायात पुलिस नियंत्रण कक्ष के वर्ष 2023 से 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, इन स्थानों पर 55 भीषण सड़क हादसों में 23 लोगों की जान चली गई। आंकड़े बताते हैं कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी है।
भंडारा जिले के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर स्थित दुर्घटना संभावित स्थल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। जिला यातायात पुलिस नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी वर्ष 2023 से 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, आठ चिह्नित स्थलों पर कुल 55 भीषण सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में 23 लोगों की मौत दर्ज की गई।
इन आंकड़ों के बाद दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के ठोस उपाय लागू करने की जरूरत सामने आई है। खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित कुछ स्थानों पर लगातार हादसे दर्ज किए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर कारधा चौक और भलेवाड़ा प्रमुख दुर्घटना संभावित स्थलों के रूप में सामने आए हैं। तीन वर्षों में कारधा चौक पर 16 हादसों में 3 लोगों की मौत हुई, जबकि भलेवाड़ा में 15 दुर्घटनाओं में 5 लोगों की जान गई।
साकोली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत शिवनीबांध मार्ग पर फिश सेंटर और तालाब परिसर के पास 9 हादसों में 5 लोगों की मृत्यु हुई। वहीं, कुंभली गांव से जिला परिषद स्कूल परिसर के बीच 4 हादसों में 4 लोगों की जान गई।
लाखनी सीमा के अंतर्गत मानेगांव-सड़क पर 6 हादसों में 3 लोगों की मौत दर्ज की गई। जवाहरनगर के खरबी नाका पर 3 दुर्घटनाओं में 2 लोगों की जान गई, जबकि कवडसी और पिपरी फाटा में 2 हादसों में एक व्यक्ति की मौत हुई।
राज्य राजमार्ग-271 पर मेहगांव बस स्टैंड मोड़ पर इन तीन वर्षों में कोई हादसा या मृत्यु दर्ज नहीं हुई।
दुर्घटनाओं को कम करने के लिए खतरनाक मोड़ों और संवेदनशील स्थानों पर स्पष्ट संकेतक, गति सीमा के बोर्ड, लेन मार्किंग, रिफ्लेक्टर और कैट-आइज लगाने की जरूरत है। तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए उपयुक्त स्थानों पर रंबल स्ट्रिप और मजबूत क्रैश बैरियर जैसे उपाय भी उपयोगी हो सकते हैं।
भंडारा जिला यातायात पुलिस निरीक्षक कृष्णकुमार तिवारी के अनुसार, दुर्घटना संभावित स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। संबंधित विभागों के समन्वय से जरूरी सुरक्षा उपाय लागू करने को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने वाहन चालकों से गति सीमा का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की अपील की। सड़क सुरक्षा का उद्देश्य केवल हादसों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि जान बचाना और हर यात्रा को सुरक्षित बनाना है।