

बोंडाला बुज गांव में 7 अक्टूबर की रात तेंदुए का हमला।
पोल्ट्री फार्म की करीब 100 मुर्गियों की मौत।
किसान महिला प्रज्ञा बोरकुटे को आर्थिक नुकसान।
वन विभाग के कर्मचारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
क्षेत्र में बाघ के बाद तेंदुए की गतिविधि से ग्रामीण चिंतित।
Chandrapur Leopard Attack Chandrapur Wildlife: चंद्रपुर जिले के मूल तहसील स्थित बोंडाला बुज गांव में 7 अक्टूबर की रात तेंदुए ने पोल्ट्री फार्म में घुसकर करीब 100 मुर्गियों को मार डाला। इससे किसान महिला प्रज्ञा बोरकुटे को आर्थिक नुकसान हुआ है। क्षेत्र में पहले से बाघ की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बाघ की मौजूदगी से पहले ही सतर्क ग्रामीणों की चिंता अब तेंदुए के हमले ने बढ़ा दी है। चंद्रपुर जिले के मूल तहसील स्थित बोंडाला बुज गांव में तेंदुए ने पोल्ट्री फार्म में घुसकर करीब 100 मुर्गियों को मार डाला। 7 अक्टूबर की रात हुई इस घटना से किसान महिला को आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के बाद इलाके में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
चंद्रपुर जिले के पोंभुर्णा वन परिक्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के कारण ग्रामीण और किसान पहले से ही सतर्क हैं। इसी बीच मूल तहसील के बोंडाला (बुज) गांव में तेंदुए के हमले की घटना सामने आई है। यहां तेंदुए ने एक पोल्ट्री फार्म में घुसकर करीब 100 मुर्गियों को मार डाला। यह घटना 7 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है।
गांव निवासी प्रज्ञा बोरकुटे के खेत में पोल्ट्री फार्म है। बताया जाता है कि रात के समय तेंदुआ फार्म में घुस आया और मुर्गियों पर हमला कर दिया। सुबह जब फार्म में मुर्गियां मृत अवस्था में मिलीं, तो घटना का पता चला। इस हमले से पोल्ट्री व्यवसाय को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
पोंभुर्णा वन परिक्षेत्र में बाघ की आवाजाही के कारण ग्रामीण पहले से ही सावधानी बरत रहे हैं। अब खेतों और बस्तियों के आसपास तेंदुए की गतिविधि सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों के लिए खेती और पशुपालन से जुड़ी चुनौतियों के बीच वन्यजीवों से होने वाला नुकसान भी परेशानी का कारण बन रहा है। इस घटना ने किसानों की सुरक्षा और नुकसान की भरपाई का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद घोसरी के क्षेत्र सहायक डेविड दुपारे और वनरक्षक लांडगे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। हमले में हुए नुकसान के बाद प्रभावित किसान महिला को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी और ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।