थाने में ढाई घंटे शव रखकर हुआ हंगामा; साकोली पुलिस ने फरार सरपंच पुरुषोत्तम रुखमोडे पर दर्ज किया हत्या का केस

Bhandara Sakoli Assault Case Arrest Demand: भंडारा के साकोली में दिलीप कांबले की मौत के मामले में सरपंच पुरुषोत्तम रुखमोडे पर BNS धारा 103 के तहत हत्या का केस दर्ज हुआ। गिरफ्तारी और जांच की मांग।
Bhandara Sakoli Sarpanch Murder Case
सरपंच पर हत्या का केससोर्स:सोशल मीडिया
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Bhandara Sakoli Sarpanch Murder Case: भंडारा के साकोली में मारपीट के बाद उपचार के दौरान दिलीप सदाशिव कांबले की मौत के मामले में पुलिस ने फरार सरपंच पुरुषोत्तम रुखमोडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है।

पोस्टमार्टम के बाद शव साकोली पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने के सामने कार्रवाई की मांग की। करीब ढाई घंटे की बातचीत के बाद हत्या की धारा बढ़ाई गई।

भंडारा साकोली असॉल्ट केस अरेस्ट डिमांड

साकोली में मारपीट के बाद उपचार के दौरान दिलीप सदाशिव कांबले की मौत के मामले में पुलिस ने फरार सरपंच पुरुषोत्तम रुखमोडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद नागपुर से शव साकोली पहुंचने पर परमानंद मेश्राम सहित कार्यकर्ता शव लेकर पुलिस थाने पहुंचे और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

शव थाने में रखकर कार्रवाई की मांग

कार्यकर्ताओं ने पुलिस से हत्या की धारा के तहत कार्रवाई करने की मांग की। एसडीपीओ शिवम विसापुरे और थाना प्रभारी आचरेकर के साथ करीब ढाई घंटे तक चर्चा और नोकझोंक के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा बढ़ाई। इसके बाद रात करीब 11 बजे शव को खैरी गांव ले जाया गया, जहां दफन की प्रक्रिया पूरी की गई।

11 सितंबर को हुई थी मारपीट

जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को मारपीट में घायल हुए दिलीप कांबले का उपचार चल रहा था। 21 सितंबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में पहले से साकोली थाने में अपराध दर्ज था। शुरुआती कार्रवाई में BNS की धारा 105, धारा 351(2) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई थीं। बाद में पुलिस ने धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया।

CCTV और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने की मांग

कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। इसके अलावा आरोपी के मोबाइल की लोकेशन, आवश्यक कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाने की मांग की गई। पुलिस पाटील अजय चरड़े की भूमिका की भी जांच करने की मांग रखी गई है। साथ ही यह पता लगाने की मांग की गई कि मृतक ने परिजनों, ग्रामीणों या चिकित्सकों को मारपीट के संबंध में क्या जानकारी दी थी।

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मेडिकल रिकॉर्ड की जांच पर जोर

'अस्मिता का एल्गार' संगठन के परमानंद मेश्राम ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। संगठन की ओर से नागपुर मेडिकल कॉलेज सहित संबंधित अस्पतालों के केस पेपर, एमएलसी, CT स्कैन, MRI, एक्स-रे, ऑपरेशन और ICU रिकॉर्ड सुरक्षित कर उनकी जांच करने की मांग की गई। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों से चोटों की प्रकृति, चोटों की अवधि, मारपीट से उनके संबंध और मौत के कारण पर स्पष्ट राय लेने की मांग भी की गई।

पूरी घटनाक्रम की जांच की मांग

संगठन ने घटनास्थल, विवाद के कारण, मारपीट की अवधि, कथित रूप से इस्तेमाल की गई वस्तु, मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की मांग की है। साथ ही मृतक की जाति की जानकारी आरोपी को पहले से थी या नहीं, इससे जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की मांग की गई है।

प्रतिनिधिमंडल में परमानंद मेश्राम, सचिन गेडाम, मदनपाल गोस्वामी, अमित वैद्य, राहुल शामकुवर, यादीराव गणवीर, मोरेश्वर गजभिये, कपिलाताई रामटेके, मंजूताई गजभिये, अमित शामकुवर, शब्बीर पठाण, भावेश कोटागले, अमोल टेंभुर्गे और राहुल गजभिये शामिल थे।

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