Manoj Jarange Mumbai March: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई कूच पर निकले मनोज जरांगे की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ गई। लंबे समय से भूख हड़ताल करने और लंबी यात्रा ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी है। पेट और पैरों में तेज जलन के साथ उनके शरीर में पानी की भारी कमी पाई गई है। बीड जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के खतरे की आशंका जताते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है। इसके बाद जरांगे ने भी संकेत दिया कि स्वास्थ्य साथ नहीं देने पर मुंबई दौरा रद्द करना पड़ सकता है।
जालना जिले के अंतरवाली सराटी से मंगलवार को मुंबई के लिए रवाना हुए जरांगे करीब 14 घंटे बाद बुधवार सुबह 11 बजे बीड जिले के पाटोदा पहुंचे। यहां जिला अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने उनकी जांच की। सिविल सर्जन डॉ. सतीशकुमार सोलंके ने बताया कि जरांगे के शरीर में पानी की गंभीर कमी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल आईवी फ्लूइड के सहारे इतनी लंबी यात्रा जारी रखना संभव नहीं है।
डॉ. सोलंके के मुताबिक, मनोज जरांगे के शरीर में सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक खनिजों का संतुलन बिगड़ सकता है। उनका रक्त शर्करा स्तर भी काफी कम पाया गया है। चिकित्सकों ने पहले इलेक्ट्रोलाइट की कमी पूरी करने और इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है। जरांगे को आईवी ड्रिप भी लगाई जाएगी।
मनोज जरांगे ने अपनी हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि उनके पेट और पैरों में तेज जलन हो रही है। स्वस्थ रहने पर वह मुंबई तक यात्रा जारी रख सकते हैं, लेकिन अनशन के दौरान इतनी लंबी यात्रा करना सही नहीं है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि यदि कोई विकल्प नहीं बचा तो मुंबई दौरा रद्द किया जा सकता है। जरांगे ने कहा कि उनके लिए आरक्षण इस दौरे से अधिक महत्वपूर्ण है, लेकिन मौजूदा स्थिति में मुंबई कूच असंभव लग रहा है।
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने पाटोदा में अपने समर्थकों से उनके पीछे वाहन लेकर नहीं आने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाटोदा से आगे कोई वाहन उनके पीछे नहीं आना चाहिए और उन्हें अकेले मुंबई जाने दिया जाए। जरांगे के मुताबिक, यदि लोग पीछे आते रहे तो वह रास्ता बदलकर मुंबई जाएंगे और इसकी जानकारी केवल पुलिस को देंगे। मुंबई में प्रवेश करने से रोके जाने पर ही उन्होंने समर्थकों से वहां आने को कहा।
इधर मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मनोज जरांगे को आजाद मैदान में आंदोलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद वह मंगलवार को वाहनों के काफिले के साथ मुंबई के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में कई स्थानों पर ग्रामीणों ने उनका समर्थन किया।
बता दें कि मनोज जरांगे पिछले 18 दिनों से कुनबी जाति की वंशावली वाले मराठा समुदाय के सदस्यों को ओबीसी आरक्षण देने की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने गणेश उत्सव के दौरान आंदोलन के समय पर भी सवाल उठाया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार मराठा प्रदर्शनकारियों की 13 कानूनी रूप से वैध मांगों में से 12 स्वीकार कर चुकी है।