पाकिस्तान में ताक पर कोर्ट का आदेश! इमरान खान की बहनों को फिर झटका, अदियाला जेल प्रशासन ने मिलने से रोका

Imran Khan Meeting Controversy: इस्लामाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद अदियाला जेल प्रशासन ने इमरान खान की बहनों और वकीलों को मुलाकात की अनुमति नहीं दी, विवाद गहराया।
Aleema Khan Imran Khan Sister
अदियाला जेल प्रशासन ने इमरान खान की बहनों मिलने से रोकासोर्स-सोशल मीडिया
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Aleema Khan On Adiala Jail Administration: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहनों की मुलाकात एक बार फिर नहीं हो सकी। इस्लामाबाद हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद अदियाला जेल प्रशासन ने अलीमा खान, उज्मा खान और उनके वकीलों को मुलाकात की अनुमति नहीं दी।

मामले को लेकर जेल प्रशासन पर न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं, जबकि परिवार ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के उल्लंघन का मामला बताया है।

अदियाला जेल पहुंचीं बहनें और वकील लौटे निराश

बुधवार को प्रकाशित, पाकिस्तानी दैनिक 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, वकील अवैस यूनस चौधरी ने बताया कि इमरान खान की बहनें और छह वकील उनसे मिलने के लिए जेल पहुंचे, लेकिन उन्हें एक बार फिर मिलने की इजाजत नहीं दी गई।

चौधरी के हवाले से 'डॉन' ने लिखा, "बहनें शाम 6:30 बजे के बाद भी वहां इंतजार करती रहीं, लेकिन उन्हें मुलाकात की मंजूरी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

आईएचसी (इस्लामाबाद हाई कोर्ट) ने आदेश दिया है कि इमरान खान के परिवार और वकीलों के साथ मंगलवार को और पार्टी नेताओं के साथ गुरुवार को मुलाकात कराई जाए, लेकिन कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है।"

अलीमा ने न्यायिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से अदालतें इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की याचिकाओं पर सुनवाई नहीं कर रही हैं।

सड़को पर आंदोलन करने की दी चेतावनी

अलीमा खान ने कहा, "अगर अदालतों से न्याय नहीं मिलेगा, तो लोग सड़कों पर नहीं उतरेंगे तो क्या करेंगे? किसी को न्याय नहीं मिल रहा है; यह सिर्फ इमरान खान की बात नहीं है। इसका असर पाकिस्तान के हर नागरिक पर पड़ेगा।

अदालतें ऊपर से आदेश मिलने के बाद फैसले सुना रही हैं। लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। जज सरफराज डोगर 20 महीनों से अल-कादिर मामले में इमरान खान और बुशरा बीबी की जमानत याचिका

पर सुनवाई नहीं कर रहे हैं, जबकि हर कानून कहता है कि इस पर सुनवाई होनी चाहिए और जमानत मिलनी चाहिए, और तोशाखाना मामले में भी नौ महीनों से कोई सुनवाई नहीं हुई है।"

अवमानना याचिका में सरकार को बनाया पक्षकार

एक सवाल के जवाब में अलीमा खान ने कहा कि संवैधानिक अदालत का गठन असंवैधानिक तरीके से किया गया था और इसका मकसद सुप्रीम कोर्ट को कमजोर करना और इमरान खान को जेल में रखना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के लिए अपना अस्तित्व और अखंडता बनाए रखना जरूरी है। 3 सितंबर को, इमरान खान की बहन उज्मा खान ने कोर्ट के 18 अगस्त के आदेश को लागू न करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अदालत की अवमानना ​​की दूसरी याचिका दायर की थी।

आदेश के बावजूद नहीं हो सकी मुलाकात

एक अन्य पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, उज्मा खान की याचिका में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रावलपिंडी सेंट्रल जेल (अदियाला) के सुपरिटेंडेंट साजिद बेग, पंजाब के जेल महानिरीक्षक मियां सालिक जलाल, गृह मंत्रालय के सचिव अहमद सरवर रजा और इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी के मुख्य आयुक्त सोहेल अशरफ को प्रतिवादी बनाया गया है।

याचिका में कहा गया है कि कोर्ट के 18 अगस्त के आदेशों को लागू नहीं किया गया है, जिनमें इमरान खान को अपने बेटों से वर्चुअली बात करने और अपनी बहनों से हर हफ्ते मिलने की इजाजत दी गई थी। याचिका में उज्मा खान ने बताया कि मंगलवार को इमरान खान को अपनी बहनों से मिलने नहीं दिया गया और मार्च से उन्होंने अपने बेटों से बात नहीं की है।

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परिवार से मुलाकात और बेटों से बातचीत पर फिर विवाद

याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक, इमरान खान और उनके बेटों कासिम खान और सुलेमान खान के बीच हफ्ते में दो बार फोन पर बातचीत की सुविधा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है।

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में कोर्ट से गुजारिश की गई है कि वह अपने 18 अगस्त के आदेश को लागू करने के लिए कदम उठाए या निर्देश जारी करे, खासकर इमरान खान और उनके पारिवारिक सदस्यों के बीच मुलाकात और फोन पर बातचीत से जुड़े आदेश को।

कोर्ट ने हॅास्पिटल भेजने का दिया था निर्देश

पाकिस्तानी कोर्ट में उज्मा खान की यह नई याचिका, कोर्ट के 18 अगस्त के उस आदेश को सरकार द्वारा लागू न करने पर पहले हुए अवमानना ​​मामले के बाद आई है, जिसमें इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजने का निर्देश दिया गया था।

21 अगस्त को वापस लाया गया था जेल

18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को जांच और इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजने और उन्हें अपने परिवार के सदस्यों से मिलने की इजाजत देने का आदेश दिया था।

कोर्ट के आदेश के बावजूद, अधिकारियों ने 21 अगस्त को इमरान खान को इलाज के लिए पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज पहुंचाया और डॉक्टरों के यह कहने के बाद कि वह मेडिकली फिट हैं, उन्हें वापस अदियाला जेल ले आए।

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