PM मोदी से मिले बचपन के दोस्त, तो 15 साल पुराना भूमि विवाद चुटकियों में हल; BJP विधायक ने छोड़ा जमीन से कब्जा

PM Modi Schoolmate Asgar Ali Vora: PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुंबई के 81 वर्षीय असगर अली वोरा को 15 साल पुराने जमीन विवाद में मिली बड़ी राहत। बीजेपी विधायक मेहता ने कब्जा छोड़ने का किया ऐलान।
PM Modi Schoolmate Asgar Ali Vora
PM मोदी से मुलाकात करते उसके बचपन के दोस्त असगर अली वोरासोर्स: सोशल मीडिया
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PM Modi Schoolmate Asgar Ali Vora Land Dispute: सत्ता की ताकत और सरकारी तंत्र के चक्कर में अगर कोई आम नागरिक 15 साल तक न्याय के लिए भटकता रहे, तो उसकी उम्मीदें अक्सर टूट जाती हैं। लेकिन जब मामला सीधे देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच जाए, तो सालों से उलझी फाइलें भी रातों-रात सरकने लगती हैं। मुंबई के पास मीरा रोड इलाके में रहने वाले 81 वर्षीय बुजुर्ग असगर अली वोरा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक मुलाकात ने उनके जीवन की सबसे बड़ी परेशानी का अंत कर दिया।

15 साल से चल रहे जिस जमीन विवाद में सरकारी विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे थे, पीएम मोदी के हस्तक्षेप की सुगबुगाहट मात्र से उसमें इतना बड़ा मोड़ आया कि सत्ताधारी पार्टी के पूर्व बीजेपी विधायक को विवादित जमीन का कब्जा छोड़ना पड़ा।

पीएम मोदी के क्लासमेट हैं असगर अली वोरा

असगर अली वोरा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक बेहद पुराना और खास नाता है। दोनों गुजरात के वडनगर स्थित बीएन हाई स्कूल में एक साथ पढ़ाई कर चुके हैं। जहां नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, वहीं वोरा मुंबई के पास मीरा रोड में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। वोरा ने साल 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में लगभग 2,810 वर्ग मीटर यानी करीब 30,000 वर्ग फुट का एक कीमती जमीन का प्लॉट खरीदा था।

असगर अली वोरा का आरोप था कि साल 2011 में इस बेशकीमती प्लॉट पर बिल्डर कंपनियों की नजर पड़ी। उन्होंने दावा किया कि स्वयम् बिल्डर्स और बीजेपी के विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंपनी सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने अवैध रूप से उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। जब वोरा ने इसका विरोध किया, तो उन्हें कानूनी पचड़ों में उलझा दिया गया।

क्या है असगर अली वोरा का मामला?

मुंबई के मीरा रोड निवासी असगर अली वोरा का आरोप है कि उन्होंने 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। 2011 में जमीन पर स्वयम् बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने कब्जा कर लिया। वह करीब 15 वर्षों से विभिन्न सरकारी अधिकारियों के सामने मामला उठाते रहे।

8 सितंबर को पीएम मोदी से मिले थे असगर अली वोरा

8 सितंबर को असगर अली वोरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। इसके बाद मंत्रालय में संबंधित पक्षों और अधिकारियों की बैठक हुई। अब विधायक मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और उस पर मिली निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही है। विधायक ने यह भी कहा है कि वह बुजुर्ग असगर अली वोरा के खिलाफ पहले दर्ज कराई गई शिकायत वापस ले रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात कही गई है।

असगर अली वोरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। वोरा और पीएम मोदी गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़े हैं। वोरा ने प्रधानमंत्री के सामने भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में अपनी जमीन से जुड़े विवाद का मामला रखा था और इसमें हस्तक्षेप की मांग की थी। उनका कहना था कि उन्होंने 1989 में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी।

मुंबई के मंत्रालय में हाई-लेवल बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के तुरंत बाद महाराष्ट्र सरकार का प्रशासनिक अमला हरकत में आया। मंगलवार को राज्य के प्रशासनिक केंद्र मंत्रालय में एक हाई-लेवल बैठक बुलाई गई। इस बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी ने की।

इस बैठक में खुद असगर अली वोरा, आरोपी पक्ष के बीजेपी नेता व पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम के कमिश्नर राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने जमीन से छोड़ा कब्जा

बैठक के दौरान बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग विभाग को एक औपचारिक पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि उनकी निर्माण कंपनी विवादित प्लॉट पर अपना दावा वापस ले रही है। मेहता ने जमीन का कब्जा छोड़ने के साथ-साथ स्थानीय नगर निगम से उस प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए मिली अनुमति को भी तुरंत प्रभाव से सरेंडर करने की बात कही।

मेहता ने अपने पत्र में कहा कि उन्होंने यह जमीन 2019 में मर्विन फर्नांडिस से खरीदी थी। इसके अलावा पुलिस कमिश्नर को लिखे अलग पत्र में बीजेपी विधायक ने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।

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