Manoj Jarange Health Update: मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बीड जिले के पाटोदा में हुई सकारात्मक बातचीत के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, अनशन समाप्त होते ही लगातार गिरती सेहत और अत्यधिक कमजोरी के चलते उन्हें एंबुलेंस के जरिए छत्रपति संभाजीनगर के गैलेक्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी हुई है।
महायुति सरकार की ओर से मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, शिक्षा मंत्री दादा भुसे, विधायक प्रसाद लाड और विधायक सुरेश धस ने मनोज जरांगे से मुलाकात कर चर्चा की। अनशन खत्म होने के कारण मनोज जरांगे का मुंबई कूच भी रद्द हो गया है।
चर्चा के बाद मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधायक प्रसाद लाड ने मनोज जरांगे को पानी पिलाकर उनका अनशन खत्म किया।
सरकार के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान मनोज जरांगे अपनी बुनियादी शर्तों पर पूरी तरह अडिग रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मराठा समाज के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार के सामने मुख्य रूप से ये मांगें रखीं।
58 लाख रिकॉर्ड्स की सुरक्षा: मराठवाड़ा क्षेत्र में मिले 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड्स में से एक भी रिकॉर्ड कम या रद्द नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री का लिखित आश्वासन: आरक्षण और रिकॉर्ड सुरक्षा को लेकर केवल मौखिक आश्वासन स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि इस पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर वाला आधिकारिक पत्र दिया जाए।
गजट का पूर्ण क्रियान्वयन: हैदराबाद गजट के साथ-साथ सातारा और कोल्हापुर गजट के अनुसार सभी पात्र मराठा समुदाय के लोगों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाएं।
अनशन के 20वें दिन मनोज जरांगे पाटिल की तबीयत बिगड़ने के कारण वे बेहोश भी हो गए थे। इसी बीच, राज्य सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया। बीड जिले के पाटोदा में जरांगे जहां रुके हुए थे, वहां उनके समर्थक रात भर जागकर सरकारी प्रतिनिधिमंडल का इंतजार करते रहे। सुबह होते ही सरकार का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से कहा कि 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड्स में कोई बदलाव नहीं होगा। प्रमाणपत्र वितरण के लिए लगाए जा रहे कैंपों में आवश्यक सुधार किए जाएंगे। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मनोज जरांगे को मनाते हुए कहा कि सरकार आपकी मांगों को लेकर एक कदम आगे आई है, अब आपको भी एक कदम आगे आकर अपना अनशन खत्म कर देना चाहिए।
विधायक प्रसाद लाड ने बताया कि राज्य के शीर्ष नेतृत्व के अनुरोध और वादे के बाद मनोज जरांगे ने अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगले 90 दिनों के भीतर मनोज जरांगे को दिया गया शब्द हर हाल में पूरा किया जाएगा।
इस पर मनोज जरांगे ने भी नरमी दिखाते हुए कहा कि मैं सरकार को आखिरी मौका दे रहा हूं। सातारा और कोल्हापुर गजट को लागू करने के लिए मैं अपनी ओर से सरकार को 3 महीने का अतिरिक्त समय देता हूं।
अनशन खत्म करने के बाद मनोज जरांगे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि मेरी सबसे बड़ी चिंता वे 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड थे। इन्हीं रिकॉर्ड्स के आधार पर मैं 3 करोड़ मराठों को आरक्षण के दायरे में लाकर दिखाऊंगा।
इसके बाद 20 दिन से भूख हड़ताल के कारण अत्यधिक कमजोरी और स्वास्थ्य कारणों के चलते मनोज जरांगे को मेडिकल टीम की निगरानी में एंबुलेंस द्वारा छत्रपति संभाजीनगर के गैलेक्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू कर दिया गया है।
डॉ. सोलंके ने कहा कि मनोज जरांगे का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था तथा वह डिहाइड्रेशन से पीड़ित थे। हालांकि, फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है और डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।