

Ashish Shelar Criticizes Manoj Jarange: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर जारी खींचतान के बीच राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आंदोलन के प्रमुख मनोज जरांगे पाटील पर तीखा हमला बोला है।
शेलार ने सबसे पहले राज्य के नागरिकों और गणेश भक्तों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएं दीं और मनोज जरांगे से अपील की कि वे अपने मुंबई कूच का इरादा छोड़ दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि गणेशोत्सव के पावन पर्व पर मुंबई, पुणे और पूरे महाराष्ट्र में लाखों भाविक और नागरिक सड़कों पर उतरते हैं, इसलिए इस उत्सव में किसी भी तरह का विघ्न या बाधा उत्पन्न नहीं की जानी चाहिए।
आशीष शेलार ने मनोज जरांगे के इस मौजूदा आंदोलन को अतर्क, आताताईपना और अभद्र भाषा का आंदोलन करार दिया। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि महायुति सरकार ने मनोज जरांगे की 14 में से 13 मांगों को पहले ही स्वीकार कर पूरा कर दिया है।
शेलार ने आंदोलन को तर्कहीन बताते हुए कहा कि जब सरकार ने मराठा समाज को एससीबीसी आरक्षण दिया, EWS का संरक्षण दिया, कोर्ट में आरक्षण को टिकाया और छात्रों के लिए छात्रवृत्ति व छात्रावास की व्यवस्था की, तब भी आंदोलन पर अड़े रहना पूरी तरह अतर्क है।
वहीं, उन्होंने इसे आताताईपना इसलिए कहा क्योंकि जब सरकार ने समाधान के लिए राधाकृष्ण विखे पाटील की अध्यक्षता में कैबिनेट उप-समिति बनाई है और अदालती प्रक्रिया में सकारात्मक रुख अपना रही है, तब भी जरांगे लगातार चरम सीमा पर जाकर मुंबई घेरने की जिद कर रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशीष शेलार मनोज जरांगे द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही आपत्तिजनक भाषा पर बुरी तरह आक्रोशित दिखे।
उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग कतई स्वीकार्य नहीं है और इसे आगे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शेलार ने कहा कि सुसंस्कृत महाराष्ट्र की यह परंपरा नहीं है और छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों पर चलने वाला कोई भी मावला या निष्ठावान व्यक्ति ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
अंत में आशीष शेलार ने मनोज जरांगे से उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने का अनुरोध किया और स्पष्ट किया कि सरकार बातचीत के माध्यम से समस्याओं को हल करने के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि बिना पुलिस अनुमति के गैर-कानूनी तरीके से मुंबई में घुसने की जिद लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है, इसलिए जरांगे को गणेशोत्सव के समय आम जनता और गणेश भक्तों को परेशानी में डालने वाली जिद छोड़ देनी चाहिए।