दिवंगत संतोष देशमुख व उनकी पत्नी अश्विनी देशमुख (सोर्स: सोशल मीडिया) 
बीड

मस्साजोग सरपंच उपचुनाव: संतोष देशमुख की पत्नी अश्विनी भरेंगी नामांकन, पिछली बार हारे प्रत्याशी भी मैदान में

Massajog Sarpanch By-Election: बीड के मस्साजोग में दिवंगत सरपंच संतोष देशमुख की पत्नी अश्विनी देशमुख ने चुनावी ताल ठोंक दी है। मुकाबले में स्वरूपानंद देशमुख की एंट्री से चुनाव दिलचस्प हो गया है।

आकाश मसने

Ashwini Santosh Deshmukh Massajog Sarpanch Bypoll: महाराष्ट्र के बीड जिले के मस्साजोग गांव में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 9 दिसंबर 2024 को हुए चर्चित संतोष देशमुख (Santosh Deshmukh) हत्याकांड के बाद खाली हुई सरपंच की कुर्सी के लिए अब उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। इस चुनाव में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब दिवंगत सरपंच की पत्नी अश्विनी देशमुख ने गांव के विकास और अपने पति के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया।

भावुक अपील और चुनावी रण

अश्विनी देशमुख ने आज यानी 9 अप्रैल को बेहद सादगी के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। इस दौरान उनके साथ संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहेंगे। अश्विनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह चुनाव हमारे ऊपर आना ही नहीं चाहिए था। संतोष देशमुख का जो सपना था, उसे हम अगले 18 महीनों में पूरा करेंगे। गांव में पानी की किल्लत न हो और विकास कार्य न रुकें, यही हमारी प्राथमिकता है।

बिनविरोध की उम्मीद और स्वरूपानंद की एंट्री

गांव के एक बड़े वर्ग और महिलाओं की मांग थी कि अश्विनी देशमुख को निर्विरोध सरपंच चुनकर संतोष देशमुख को सच्ची श्रद्धांजलि दी जाए। हालांकि, राजनीति में ट्विस्ट तब आया जब पिछली बार संतोष देशमुख से हारने वाले स्वरूपानंद देशमुख ने भी चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। स्वरूपानंद भी आज दोपहर 1 से 3 के बीच अपना पर्चा भरेंगे। उनका तर्क है कि लोकतंत्र में सबको हक है, और अगर गांव चाहता है कि चुनाव बिनविरोध हो, तो वह मुझे भी चुन सकता है।

भाई का अनोखा प्रेम: टैटू के जरिए न्याय की गुहार

संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने भाई की याद में अपनी गर्दन पर संतोष देशमुख का फोटो टैटू बनवाया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने बच्चों के नाम 'सत्य-विरा-युद्ध' भी गुदवाए हैं। धनंजय ने भावुक होते हुए कहा कि वह फोटो को ही अपना भाई मानकर काम कर रहे हैं और पिछले डेढ़ साल से सिर्फ न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।

चुनाव का पूरा शेड्यूल

  • मस्साजोग सरपंच पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया इस प्रकार है।
  • नामांकन की जांच: 15 अप्रैल
  • नाम वापसी की तिथि: 17 अप्रैल
  • मतदान की तारीख: 28 अप्रैल
  • नतीजे: 29 अप्रैल

इस उपचुनाव में जीतने वाले नए सरपंच का कार्यकाल 18 महीने का होगा। अब देखना यह है कि क्या गांव संवेदनाओं के आधार पर अश्विनी देशमुख को निर्विरोध चुनता है या 28 अप्रैल को बैलेट बॉक्स के जरिए फैसला होगा।

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