संतोष देशमुख हत्याकांड का फरार आरोपी कृष्णा आंधले 3 बार आया गांव! धनंजय देशमुख के सनसनीखेज दावे से मचा हड़कंप

Santosh Deshmukh Murder Case: बीड के सरपंच संतोष देशमुख हत्या मामले में उनके भाई धनंजय ने सनसनीखेज दावा किया है कि फरार आरोपी कृष्णा आंधले तीन बार गांव आ चुका है।
Santosh Deshmukh Murder Case Dhananjay Deshmukh Claim About Krishna Andhale
संतोष देशमुख हत्याकांड का फरार आरोपी कृष्णा आंधले व धनंजय देशमुख (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Dhananjay Deshmukh Claim About Krishna Andhale: महाराष्ट्र के बीड जिले के चर्चित सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मृतक सरपंच के भाई धनंजय देशमुख ने दावा किया है कि इस मामले का मुख्य फरार आरोपी, कृष्णा आंधले, अब तक तीन बार अपने गांव आकर जा चुका है, लेकिन पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही है।

बीड की जिला एवं विशेष सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान मीडिया से बात करते हुए धनंजय देशमुख ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी कृष्णा आंधले मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, लेकिन वह खुलेआम गांव में घूम रहा है। धनंजय ने बताया कि उन्होंने इस बारे में सीआईडी (CID) को भी सूचित किया है। उन्होंने आरोपियों को 'शैतानी प्रवृत्ति' वाला बताते हुए कहा कि उनके परिवार को इन लोगों से जान का खतरा है। उनकी मांग है कि कृष्णा आंधले को जल्द गिरफ्तार कर पूरे जिले में उसकी डिंड (सार्वजनिक परेड) निकाली जाए।

विशेष सरकारी वकील उज्वल निकम को हटाने की मांग

इस मामले में कानूनी दांव-पेंच भी तेज हो गए हैं। सुनवाई के दौरान आरोपी क्रमांक 3 से 7 ने एक आवेदन दिया है, जिसमें विशेष सरकारी वकील उज्वल निकम को बदलने की मांग की गई है। इस पर सरकारी पक्ष अपना लिखित पक्ष अदालत के सामने पेश करेगा। इसके अलावा, आरोपी जयराम चाटे ने अपना वकील बदल लिया है और अब उनकी ओर से एम.के. वाघीरकर पैरवी करेंगे। आरोपी वाल्मिक कराड की जमानत अर्जी पर 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसके लिए देशमुख परिवार ने पहले ही कैविएट दाखिल कर दी है।

आरोपियों ने सरकारी पक्ष पर लगाया आरोप

आरोपी वाल्मिक कराड के वकील विकास खाडे ने सरकारी पक्ष पर मामले में 'जल्दबाजी' करने का आरोप लगाया है। बचाव पक्ष का कहना है कि उन्हें अभी तक महत्वपूर्ण सबूतों की प्रतियां नहीं मिली हैं, जिनमें लैपटॉप की क्लोन कॉपी, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पेन ड्राइव शामिल हैं। उनका तर्क है कि जब तक इन दस्तावेजों की आपूर्ति नहीं हो जाती, तब तक गवाहों की सूची स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।

डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी देशमुख परिवार न्याय के इंतजार में है। अदालत ने सरकारी पक्ष को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई 6 मार्च 2026 को तय की है।

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