सांकेतिक फोटो: (सोर्स: सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

AIMIM नेता इम्तियाज जलील का बड़ा बयान, मतीन का घर गिरा तो पूरा हिंदुस्तान देखेगा, हम खड़ा करेंगे आलीशान आशियाना

Imtiaz Jaleel Controversy: AIMIM नेता इम्तियाज जलील ने मतीन पटेल का घर गिराए जाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि मतीन को आलीशान घर बनाकर देंगे। उन्होंने कानून और मीडिया पर भी सवाल उठाए।

गोरक्ष पोफली

Imtiaz Jaleel Speech Naregaon: नासिक मामले और अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। AIMIM के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने नारेगांव में मतीन पटेल के घर पर होने वाली संभावित कार्रवाई को लेकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मतीन पटेल का घर गिराए जाने की खबरों के बीच इम्तियाज जलील ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए भावुक और आक्रामक रुख अपनाया और सरकार को खुली चुनौती दे डाली।

हम बनाएंगे आलीशान मकान

नारेगांव में जनता को संबोधित करते हुए इम्तियाज जलील ने भावुक अपील की और दावा किया कि मतीन पटेल को केवल इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि वे जलील के करीबी हैं। उन्होंने कहा, मतीन पटेल प्रशासन का सीधा निशाना नहीं हैं, बल्कि उनका असली निशाना मैं (इम्तियाज जलील) हूँ। मुझसे राजनीतिक बदला लेने के लिए मतीन को मोहरा बनाया जा रहा है। जलील ने आगे बड़ी घोषणा करते हुए कहा, अगर प्रशासन मतीन का घर गिराता है, तो पूरा हिंदुस्तान देखेगा कि हम सब मिलकर उन्हें इतना आलीशान और भव्य घर बनाकर देंगे जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे अगली बार जब भी नारेगांव आएंगे, तो मतीन पटेल के साथ ही आएंगे।

कानून-व्यवस्था और मीडिया पर उठाए सवाल

नासिक मामले का जिक्र करते हुए इम्तियाज जलील ने सरकार और मीडिया की भूमिका पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने निदा खान का उदाहरण देते हुए पूछा, क्या इस देश में हमारे लिए कानून अलग है? अगर निदा खान का कोई कसूर है, तो क्या यह तय करने का अधिकार मीडिया या सरकार को है? कोई दोषी है या नहीं, यह फैसला अदालतें करती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा कि अगर सरकार और मीडिया को ही सब कुछ तय करना है, तो फिर देश में अदालतों और पुलिस थानों को बंद कर देना चाहिए, सारे फैसले मीडिया ही कर ले।

AIMIM पार्षदों को दी खास हिदायत

बयानबाजी के दौरान इम्तियाज जलील ने अपनी पार्टी के भीतर की कमान भी अपने हाथ में रखी। उन्होंने AIMIM के सभी पार्षदों और स्थानीय नेताओं से अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई भी कुछ न बोले। जलील ने कहा, जो भी बोलना होगा, केवल मैं बोलूँगा। मेरे पास खोने के लिए कोई पद या कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं बिना किसी डर के जनता की आवाज उठाता रहूँगा।

इम्तियाज जलील के इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन मतीन पटेल के मामले में क्या रुख अपनाता है और इस पर विपक्षी दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है।

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