Nashik TCS Case: मतीन पटेल पर मनपा की बड़ी कार्रवाई, कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन शुरू

Nashik TCS Case Matin Patel: नासिक टीसीएस धर्मांतरण और उत्पीड़न प्रकरण में आरोपी को शरण देने के आरोपों के बीच एआईएमआईएम नगरसेवक मतीन पटेल की कथित अवैध संपत्ति पर मनपा ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी।
Nashik TCS Case Bulldozer Action
छत्रपति संभाजीनगर के AIMIM के पार्षद मतीन पटेल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Nashik TCS Case Bulldozer Action: नासिक के नाशिक के बहुचर्चित टीसीएस धर्मांतरण और उत्पीड़न प्रकरण में फरार आरोपी निदा खान को कथित तौर पर शरण देने के मामले में एमआईएम के नगरसेवक मतीन पटेल को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के द्वारा आज नगरसेवक मतीन पटेल की प्रॉपर्टी को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया जा रहा है। छत्रपति संभाजी नगर मनपा ने एआईएमआईएम के नगरसेवक मतीन पटेल की प्रॉपर्टी को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

छत्रपति संभाजीनगर मनपा द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिस के खिलाफ अदालत से भी उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। ऐसे में अब उनके कथित अवैध मकान और कार्यालय पर महानगरपालिका का बुलडोजर चलने की संभावना बढ़ गई है।

महानगरपालिका सूत्रों के अनुसार, नोटिस जारी किए जाने के बाद तीन दिन की निर्धारित अवधि में मतीन पटेल की ओर से कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके चलते प्रशासन ने निर्माण को अवैध मानते हुए कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

अतिक्रमण विभाग ने 9 मई को जारी किया था नोटिस

महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग ने 9 मई 2026 को मतीन पटेल को नोटिस जारी की थी। नोटिस में नारेगांव स्थित बिस्मिल्ला कॉलोनी में बने उनके मकान और कार्यालय को बिना अनुमति तथा अवैध निर्माण बताया गया था। प्रशासन ने उन्हें संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी उनकी ओर से कोई अधिकृत जवाब नहीं दिया गया।

पटेल ने लगाया राजनीतिक द्वेष का आरोप

याचिका में मतीन शेख ने दावा किया है कि संबंधित भूखंड उनके पिता मजीद शेख ने 13 जनवरी 1992 को खरीदा था और तब से परिवार वहां निवास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे नियमित रूप से संपत्ति कर भरते रहे हैं।

याचिका में उल्लेख किया गया है कि जनवरी 2024 में मकान के नवीनीकरण के लिए फेड बैंक से 20 लाख रुपये का ऋण लिया गया था। इसके अलावा नगरसेवक चुनाव लड़ते समय मनपा ने ही उन्हें बकाया नहीं होने का प्रमाणपत्र जारी किया था। मतीन ने आरोप लगाया कि विपक्ष से जुड़े होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com