

Nashik TCS Case News: नासिक टीसीएस (TCS) में हुए कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में एक नया मोड़ आया है। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की पुलिस रिमांड (PC) अवधि आज समाप्त होने के बाद उन्हें नासिक रोड कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निदा खान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश दिया है। इसके तुरंत बाद आरोपी को नासिक रोड सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब टीसीएस कंपनी के ही एक सहकर्मी ने निदा खान पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित का दावा है कि निदा खान ने उसे अपना धर्म बदलकर इस्लाम अपनाने के लिए भी लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़ित के अनुसार, उसे धमकी दी गई थी कि यदि उसने धर्म परिवर्तन नहीं किया, तो उसका करियर बर्बाद कर दिया जाएगा। इस मामले के सामने आने के बाद पूरे नासिक शहर और आईटी जगत में हड़कंप मच गया था।
पिछले कुछ दिनों से निदा खान पुलिस की हिरासत में थी। नासिक पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने निदा खान के मोबाइल डेटा, चैट हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस धर्मांतरण के पीछे कोई संगठित सिंडिकेट या बाहरी नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कंपनी में अन्य कर्मचारियों को भी इसी तरह निशाना बनाया गया था।
आज जब निदा खान को नासिक रोड कोर्ट में पेश किया गया, तो पुलिस ने अब तक की जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने माना कि फिलहाल पुलिस को आरोपी की और अधिक प्रत्यक्ष हिरासत की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत देना भी उचित नहीं होगा। इसी आधार पर आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
निदा खान के सेंट्रल जेल जाने के बाद अब नासिक पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी करेगी। वहीं, आरोपी के वकील जल्द ही जमानत याचिका (Bail Plea) दायर करने की योजना बना रहे हैं। दूसरी ओर, हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर दबाव बनाया हुआ है।
नासिक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम इस मामले के हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रही है। क्या यह महज एक व्यक्तिगत विवाद है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश, यह तो आने वाली पुलिस चार्जशीट और कोर्ट के ट्रायल के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।