छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया ) 
औरंगाबाद

डिजिटल युग की चुनौती – परंपरागत डकैती घटी, Cyber Fraud तेजी से बढ़े

जैसे जैसे समय बदल रहा है, वैसे ही अपराध के तरीकों में भी बड़े बदलाव आ रहे हैं। वर्तमान समय में Cyber Fraud के केस में जमकर बढ़त देखने के लिए मिल रही है। स्पेशल आईजी वीरेंद्र मिश्र ने अहम बात कही।

अपूर्वा नायक

Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: वर्तमान समय में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसमें साइबर डकैती के ग्राफ में बहुत अधिक इजाफा हुआ है।

ऐसे में साइबर अपराधियों का पता लगाने के लिए साइबर और फोरेंसिक विज्ञान विशेषज्ञों की अत्यधिक आवश्यकता है। यह प्रतिपादन छत्रपति संभाजी नगर परिक्षेत्र के स्पेशल आईजी वीरेंद्र मिश्र ने यहां किया। पीपुल्स कॉलेज ऑफ़ फोरेंसिक साइंस एंड साइबर सिक्योरिटी और ग्रामीण एसपी कार्यालय द्वारा मंगलवार को यहां दिशा नॉलेज सिटी में विश्व फोरेंसिक दिवस के अवसर पर 'तनाव और परिवार प्रबंधन' विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

घर को कार्यालय न बनाने की दी सलाह

उ‌द्घाटक कुलपति डॉ विजय फुलारी ने कहा, कार्यालय में काम वहीं समाप्त होना चाहिए। घर को कार्यालय न बनने दें। परिवार को भी समय देना चाहिए। पुलिस अधिकारी बहुत तनाव में है। हालांकि, उन्हें इसमें से अपने और अपने परिवार के लिए भी समय निकालना चाहिए। छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण के एसपी डॉ। विनय कुमार राठौड़ ने कहा कि कॉलेज के छात्रों के कारण पुलिस कर्मियों को बहुत कुछ सीखने मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम पुलिस के लिए तनाव से मुक्ति का एक उपाय था। कार्यक्रमा का संचालन प्रो। पृथ्वीराज सूर्यवंशी और प्रो टी शिवानंद ने किया, जबकि उप-विभागीय अधिकारी पूजा नांगरे ने आभार माना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस बल के अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

'तनाव और परिवार प्रबंधन' पर कार्यक्रम

कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति डॉ विजय फुलारी के हाथों किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ। दिलीप अर्जुने अध्यक्षता ने की। मंच पर वीरेंद्र मिश्र के अलावा ग्रामीण के एसपी डॉ। विनय कुमार राठौड़, अतिरिक्त एसपी अन्नपूर्णा सिंह, निदेशक डॉ। सुशील सूर्यवंशी, पुलिस उपाधीक्षक गौतम पातारे, पूजा नांगरे, निरीक्षक रविकिरण दरवड़े उपस्थित थे। इस अवसर पर मिश्र ने आगे कहा कि साइबर अपराधों की संख्या में वृद्धि के कारण फोरेंसिक और साइबर विशेषज्ञों की काफी मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि चोरी, सेंधमारी, डकैती डाले जाते थे। हालाँकि, अब जबकि संख्या में कमी आई है और साइबर अपराध बढ़े हैं, इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी।

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