Maharashtra Tiranga Vande Mataram Row: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सांगली में निकाली गई एक पदयात्रा के पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान की ओर से 15 अगस्त को सांगली शहर में 'हिंदवी स्वातंत्र्य दिन पदयात्रा' निकाली गई। संभाजी भिड़े के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। इस दौरान भगवा ध्वज के साथ भारत माता, छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज और बालासाहेब ठाकरे की तस्वीरें नजर आईं।
पदयात्रा के पोस्टर पर कथित तौर पर लिखा गया था कि अखंड हिंदुस्तान का राष्ट्रध्वज भगवा होना चाहिए। पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने इसे राष्ट्रध्वज का अपमान बताते हुए राज्य सरकार से संभाजी भिड़े के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सावंत ने कहा कि अगर राष्ट्रगीत के अपमान के लिए सजा का प्रावधान है, तो राष्ट्रध्वज के अपमान को भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में कार्रवाई करने की मांग की।
इसी बीच दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम्' के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद शुरू हो गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई।
भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस पर सामने आया यह घटनाक्रम कांग्रेस की सोच को दर्शाता है। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 'वंदे मातरम्' के पूर्ण संस्करण के गायन को रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई। उनके मुताबिक सोनिया गांधी केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं, क्योंकि खड़गे काफी देर से खड़े थे।
स्वतंत्रता दिवस पर लगातार तीसरे वर्ष कांग्रेस के प्रमुख नेता लाल किले में आयोजित सरकारी समारोह में नजर नहीं आए। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के समारोह में शामिल नहीं होने को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच प्रोटोकॉल का विवाद भी सामने आया।
कांग्रेस का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पीछे की कतार में सीट दी गई, जबकि उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है। पार्टी का कहना है कि प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें पहली कतार में जगह मिलनी चाहिए थी। वहीं, सरकार ने सीट आवंटन को प्रोटोकॉल के अनुरूप बताया है।