Kriti Samiti Protest Over SC Sub Categorisation In Amravati: अनुसूचित जातियों में उपवर्गीकरण के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में आरक्षण उपवर्गीकरण विरोधी कृति समिति और बहुजन समाज के विभिन्न संगठनों ने बुधवार को संयुक्त रूप से जिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल मोर्चा निकाला। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर उपवर्गीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।
उनका कहना था कि यह निर्णय अनुसूचित जाति समाज की एकता और आरक्षण के मूल संवैधानिक उद्देश्य को प्रभावित कर सकता है। मोर्चे में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए तथा सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने की अपील की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अनुसूचित जातियों में उपवर्गीकरण की प्रक्रिया समाज की एकता को कमजोर कर सकती है और आरक्षण के मूल संवैधानिक उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। कृति समिति के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में सरकार से इस प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की गई। साथ ही, इस विषय पर गठित न्यायमूर्ति अनंत बदर समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई, ताकि समाज के सामने वास्तविक तथ्य आ सकें।
ज्ञापन में शासकीय और अर्धशासकीय विभागों में अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लंबित बैकलॉग पदों को विशेष अभियान चलाकर भरने की मांग की गई। इसके अलावा पदोन्नति में आरक्षण लागू करने और जातिवार जनगणना कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
यह भी पढ़ेः- स्थायी पद है खाली फिर भी BMC ने निकाली कॉन्ट्रैक्ट भर्ती, जानें कितनी मिलेगी सैलरी और कबतक कर सकेंगे आवेदन
ज्ञापन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग पर लागू क्रीमीलेयर प्रावधान को समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि SC-ST वर्ग के लिए आरक्षण सामाजिक और ऐतिहासिक पिछड़ेपन के आधार पर दिया गया है, इसलिए इस पर क्रीमीलेयर लागू करना उचित नहीं है। इसके साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो राज्यभर में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर सांसद बलवंत वानखड़े, प्रा. जगदीश गोवर्धन, रमेश कटके, राजू गवई, नयन मोंढे, गुणवंत देवपारे, विजयकुमार चौरपगार, प्रा. प्रकाश बोरकर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के हजारों पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।