Dharni Ashram School Food Poisoning: टीटंबा स्थित शासकीय आदिवासी आश्रमशाला में बासी एवं घटिया भोजन खाने से 70 छात्रों के फूड पॉइजनिंग का शिकार होने की घटना के बाद दूसरे ही दिन सुसर्दा, सांवलीखेड़ा और बिजूधावड़ी आश्रमशालाओं के करीब 75 छात्रों की तबीयत भी बिगड़ गई।लगातार सामने आ रही घटनाओं से आदिवासी विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इसके विरोध में सोमवार को धारणी स्थित आदिवासी प्रकल्प कार्यालय के सामने आदिवासी संगठनों और विभिन्न कामगार संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए आदिवासी मंत्री हटाओ, आश्रमशाला के बच्चों को बचाओ के नारे लगाए तथा आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
सोमवार को आदिवासी संगठनों के पदाधिकारियों ने धारणी पुलिस थाना और आदिवासी परियोजना अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला को ज्ञापन सौंपते हुए राज्यभर में संचालित सेंट्रल किचन व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
आदिवासी परियोजना अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला ने बताया कि सेंट्रल किचन को अगले आदेश तक पूरी तरह बंद करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब विद्यार्थियों के लिए पहले की तरह आश्रमशालाओं में ही स्थानीय स्तर पर भोजन तैयार किया जाएगा।
टिटंबा शासकीय आदिवासी आश्रमशाला में छात्रों के कथित फूड पॉइजनिंग मामले के बाद आदिवासी विकास मंत्री डॉ। अशोक उईके ने धारणी उपजिला अस्पताल और आश्रमशाला का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
टिटंबा स्थित शासकीय आश्रमशाला में 60 विद्यार्थियों को भोजन से विषाक्तता फूड पॉइज़निंग होने की गंभीर घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आश्रमशाला के अधीक्षक संदीप गोले को निलंबित कर दिया है, वहीं, प्रधानाध्यापक एम। पी। भागवत को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके तबादले का प्रस्ताव तैयार किया गया है।