किसानों के लिए 13.43 करोड़ रुपए की मदद (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
अमरावती

किसानों के लिए 13.43 करोड़ की मदद, प्रति हेक्टेयर 8.5 हजार रुपए की सहायता, 19000 किसान प्रभावित

Amravati District: चांदूर रेलवे तहसील के लिए कुल 13 करोड़ 43 लाख 91 हज़ार 630 रुपये की सहायता प्राप्त हुई है और जल्द ही 8।5 हज़ार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से तहसील के किसानों के खातों में जमा कर दी।

आंचल लोखंडे

Chandur Railway: जून से अगस्त तक राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से हुई कृषि फसलों को हुए नुकसान से प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए हाल ही में सरकारी स्तर पर सहायता की घोषणा की गई है। इसमें चांदूर रेलवे तहसील के लिए कुल 13 करोड़ 43 लाख 91 हज़ार 630 रुपये की सहायता प्राप्त हुई है और जल्द ही 8.5 हज़ार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से तहसील के किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी।

शुरुआत में तहसील में अच्छी बारिश हो रही थी, लेकिन अगस्त से सितंबर के महीनों में हुई भारी बारिश के कारण किसानों के सपने बारिश में बह गए। बची हुई फसलें अब कटाई के लिए तैयार थीं, लेकिन बारिश की तीव्रता बढ़ने के कारण वे भी बेपटरी हो गई हैं। राज्य भर के किसानों की पीड़ा को देखते हुए सरकार ने तुरंत सहायता की घोषणा की है। प्राप्त जानकारी है कि यह सहायता दशहरा की पूर्व संध्या पर किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। तहसील में कुल 19,510 किसान भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं और कृषि क्षेत्र 15,810 है।

सोयाबीन की फसल को सबसे ज़्यादा नुकसान

चूँकि तहसील के सभी पांच मंडलों, सातेफल, पलसखेड़, घुईखेड़, चांदूर रेलवे और आमला विश्वेश्वर को तहसील कार्यालय से सूचना मिली है कि यह सहायता अधिकतम किसानों के खातों में पहुंचेगी क्योंकि वहाँ भारी बारिश हुई है। इसमें कपास, तुअर और सोयाबीन की मुख्य फसलें शामिल हैं। इनमें से 1,642 हेक्टेयर कपास की फसल और 500 हेक्टेयर तुअर की फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि सोयाबीन की फसल को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है और इसका क्षेत्रफल 13,668 हेक्टेयर है। इनमें से आमला विश्वेश्वर क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है, उसके बाद चांदूर रेलवे क्षेत्र है।

किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा

पूर्व विधायक प्रो. वीरेंद्र जगताप ने कहा कि हालांकि यह आठ हज़ार प्रति हेक्टेयर दिखा रहा है, लेकिन औसतन किसानों को केवल छह हजार ही दिए जाएंगे। जून से अगस्त की तुलना में सितंबर में किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। सरकार ने तत्काल कोई सहायता नहीं दी है, इसलिए यह निश्चित नहीं है कि कौन बचेगा। यह बहुत ही कम सहायता है और यह किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। किसान संतुष्ट नहीं हैं। हमारी मांग 50 हजार प्रति हेक्टेयर है।

विधायक अडसड़ के प्रयासों को सफलता

भाजपा तहसील अध्यक्ष विवेक चौधरी ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण तालुका के किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। प्रताप दादा ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री को जानकारी देकर ज्ञात किया था और उन्हें सफलता मिली है। आगामी त्योहारों को देखते हुए किसानों की तुरंत मदद करना ज़रूरी था, इसलिए सरकार ने तत्काल सहायता की घोषणा की है और यह सहायता जल्द ही किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। इसके लिए हम विधायक प्रताप अडसड़ और राज्य के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।

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