Akola Mahavitaran: एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए महावितरण के संचालक (ऑपरेशन्स) धनंजय औंडेकर की अध्यक्षता में महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उद्योजकों के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और कई ठोस निर्णय लिए गए। बैठक में बार-बार होने वाले बिजली ट्रिपिंग, तकनीकी खराबी, अपर्याप्त तकनीकी स्टाफ, बढ़ती बिजली मांग और सबस्टेशन पर बढ़ते भार जैसे मुद्दे उठाए गए।
रिधोरा क्षेत्र के उद्योगों की समस्याओं पर भी गंभीरता से विचार किया गया। बैठक में अकोला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज खंडेलवाल, ऑइल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष राजू बजाज, पूर्व अध्यक्ष उमेश मालू, सचिव नितिन बियानी, सहउपाध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र के उद्योजक उपस्थित थे। बैठक में लिए गए निर्णयों से अकोला एमआईडीसी के उद्योजकों में संतोष का वातावरण निर्माण हुआ है। एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि ये निर्णय शीघ्र लागू किए गए तो उद्योगों को स्थिर, अखंडित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलेगी।
एमआईडीसी फेज-2 में नए सबस्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध होते ही प्रस्ताव भेजने के निर्देश। अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर : एन-ब्लॉक और तुकाराम सबस्टेशन के लिए अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने का निर्णय। रिधोरा उद्योगों के लिए स्वतंत्र फीडर : स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति हेतु स्वतंत्र इंडस्ट्रियल फीडर उपलब्ध कराया जाएगा। ऑइल मिल ट्रिपिंग समस्या : स्थानीय अधिकारियों को तुरंत तकनीकी जांच कर समस्या दूर करने के निर्देश।
सभी शिकायतें एक महीने के भीतर निपटाने की समयसीमा तय। निवासी भार अलग करना : औद्योगिक फीडर पर अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए निवासी क्षेत्रों का भार अलग एफसीसी पर शिफ्ट किया जाएगा। स्वतंत्र तकनीकी स्टाफ और लॅडर वॅन : एमआईडीसी क्षेत्र के रखरखाव हेतु 4 समर्पित कर्मचारी और लॅडर वॅन उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वतंत्र अधिकारी : एमआईडीसी क्षेत्र के लिए अलग अधिकारी नियुक्त करने का आश्वासन। सोलर ग्राहकों के लिए सुविधा : ‘Behind-the-Meter’ सुविधा जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। 32/11 केवी उपकेंद्र की मांग : बढ़ती मांग को देखते हुए नए उपकेंद्र की मंजूरी और भूमिगत विद्युत वाहिनियों की योजना पर चर्चा।