रणधीर सावरकर और साजिद खान पठान (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
अकोला

'भाजपा से परेशान है जनता', साजिद खान पठान ने विपक्ष को दी 'महागठबंधन' की नसीहत, अकोला में मेयर पद पर सस्पेंस!

Akola Municipal Corporation Results: अकोला में 38 सीटों पर सिमटी भाजपा, बहुमत के लिए 41 की दरकार। विधायक साजिद खान पठान ने विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का न्योता दिया।

प्रिया जैस

 Akola PMC Seat Tally: अकोला मनपा के चुनाव में किसी भी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। मनपा में 80 स्थानों में से 38 स्थान लोगों ने भाजपा को दिए हैं। वहीं भाजपा के साथ गठबंधन कर राकां अजीत पवार गुट ने चुनाव लड़ा था लेकिन अजीत पवार गुट को सिर्फ एक स्थान मिला है। शिवसेना शिंदे गुट को एक स्थान मिला है और महानगर विकास समिति को एक स्थान प्राप्त हुआ है।

भाजपा के चुनाव प्रभारी विजय अग्रवाल शुक्रवार को ही सत्ता स्थापित करने का दावा कर चुके हैं। वे निश्चित ही 41 का आंकड़ा भी पार कर लेंगे। मनपा में सत्ता स्थापित करने के लिए 41 पार्षदों की आवश्यकता है।

38 सीटें भाजपा के पास है, 1 राकां अजीत पवार गुट, 1 शिंदे सेना तथा 1 महानगर विकास समिति का अगर समर्थन मिलता है तो यह संख्या 41 पर पहुंच जाती है। इसी तरह भाजपा से निलंबित किए गए आशीष पवित्रकार भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विजयी हुए हैं। उनकी तरफ भी भाजपा का ध्यान है।

मनपा में कुल 80 स्थान

पार्टी सीटें
भाजपा 38
कांग्रेस 21
राकांपा (शरद पवार) 3
वंचित बहुजन आघाड़ी 5
शिवसेना (उबाठा) 6
एमआईएम 3
शिवसेना (शिंदे गुट) 1
राकां (अजित पवार गुट) 1
महानगर विकास समिति 1
निर्दलीय 1
कुल 80

भाजपा को मौका दिया : सावरकर

प्रदेश भाजपा के महासचिव, विधायक रणधीर सावरकर का कहना है कि, शहर के लोगों ने एक बार फिर मनपा में भाजपा को मौका दिया है। लोगों ने भाजपा के 38 पार्षद चुनकर दिए हैं। इसी तरह चार अन्य पार्षदों ने भी समर्थन दिया है। इस तरह हम मनपा में सत्ता स्थापित करेंगे।

सत्ता के लिए एकजुट हो विपक्ष : पठान

कांग्रेस के विधायक साजिद खान पठान ने कहा कि मनपा चुनाव में लोगों ने किसी भी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है। सत्ता का दावा करने वाली भाजपा को भी स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि, लोग पिछले कुछ वर्षों के भाजपा से परेशान हो गए हैं। इसीलिए शहर के लोगों ने भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है।

मनपा में भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस, शिवसेना उबाठा, राकां शरद पवार गुट, वंचित बहुजन आघाड़ी इसी तरह अन्य समान विचार धारा वाली पार्टियों ने चर्चा के लिए एकत्रित आना चाहिए। मनपा में स्थिर और पारदर्शी शासन देने के लिए कांग्रेस पार्टी बड़े भाई के रूप में कार्य करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यही लोगों की इच्छा है।

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