अकोला ठगी मामला  (सोर्सः सोशल मीडिया)
अकोला

शादी रचाने बन गया फर्जी नायब तहसीलदार, महिला से 1.60 लाख रुपए की ठगी, अकोला पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

Woman Cheated In Akola: अकोला में फर्जी नायब तहसीलदार बनकर महिला से विवाह और 1.60 लाख रुपए की ठगी करने वाले फरार आरोपी को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया।

आंचल लोखंडे

Akola Crime News: सिविल लाइन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दर्ज ठगी के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी का नाम संदीप उर्फ सुवर्णदीप वानखडे (32), निवासी पातुर्डा, तहसील संग्रामपुर, जिला बुलढाना है।

मामले की पीड़ित महिला (41) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने पुनर्विवाह के लिए व्हॉट्सऐप ग्रुप पर अपना बायोडाटा साझा किया था। इसी माध्यम से आरोपी ने उससे संपर्क किया और विश्वास हासिल किया। आरोपी ने स्वयं को नायब तहसीलदार बताकर नकली पहचान पत्र तैयार किया और महिला से धार्मिक रीति से विवाह किया।

फर्जी पहचान पत्र दिखाकर किया विवाह

इसके बाद वह लगभग दो महीने तक महिला के साथ रहा और इस दौरान 1 लाख 60 हजार रुपए की ठगी की। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने तकनीकी मदद से उसकी तलाश कर उसे पातुर्डा, तहसील संग्रामपुर, जिला बुलढाना से गिरफ्तार किया।

आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

आरोपी को जिला न्यायालय में पेश किया गया जहां उसे पुलिस कस्टडी में भेजा गया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अपर पुलिस अधीक्षक रेड्डी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक मालती कायटे, सहायक पुलिस निरीक्षक महेंद्र शिंदे, सचिन घाटोले और शाम तोंडे ने की।

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